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उत्तरप्रदेश सरकार की अनूठी पहल मिशन शक्ति के तहत 7,500 छात्राएँ बनेंगी एक दिन के लिए प्रशासनिक अधिकारी

UP govt to appoint 7,500 girls students as one-day officers.

नई दिल्ली - उत्तरप्रदेश में चल रहे ''मिशन शक्ति अभियान'' के तहत परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 7,500 छात्राओं को एक दिन के लिए प्रशासनिकअधिकारी बनाया जाएगा.जिसके जरिए बालिकाएं प्रसाशन के कार्यो का अनुभव लेंगी। इसके लिए हर जिले से 100 छात्राओं का चयन किया जाएगा. इसके जरिए उनमें जिम्मेदारी, आत्मविश्वास और नेतृत्व की क्षमता का विकास किया जाएगा. प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत एक पहल शुरू की है

यूपी के कैबिनेट मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य बालिकाओं को प्रशासनिक जिम्मेदारियों का अनुभव देना और उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व गुणों का विकास करना है.बता दें चयनित बालिकाएं डीएम, सीडीओ, बीएसए, खंड विकास अधिकारी, तहसीलदार, डीआईओएस जैसे पदों पर एक दिन के लिए कार्य करेंगी. कासगंज की टॉपर भूमिका और संभल की शालू पहले ही इस योजना के तहत एक दिन की जिलाधिकारी बन चुकी हैं, जिन्होंने सफलतापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया. सरकार का यह प्रयास बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ समाज में उनके योगदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

शालू और भूमिका बनी थीं एक दिन की डीएम

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद संभल जिले के बहजोई स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्रा शालू और कासगंज जिले की टॉपर छात्रा कुमारी भूमिका को एक दिन के लिए सांकेतिक रूप से जिलाधिकारी बनाया जा चुका है. इस दौरान शालू ने मिशन शक्ति की बैठक का सफलतापूर्वक संचालन किया, अधिकारियों का परिचय लिया और मिशन शक्ति के कार्यों की रूपरेखा पर निर्देश दिए थे तो कासगंज की टॉपर भूमिका ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज-5 के तहत कासगंज तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक दिन का जिलाधिकारी बन जनसमस्याओं की सुनवाई की और उनके समाधान के निर्देश दिए. कुछ दिन पहले देवरिया में छात्रा खुशी मणि त्रिपाठी ने दो घंटे के लिए जिलाधिकारी की कुर्सी संभाली और जनता की फरियाद सुनी.
 

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