शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार अगले तीन महीनों में खेल क्षेत्र पर 200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बयान में कहा गया है, "इस राशि से, सरकार उत्तर प्रदेश खेल विकास निधि के साथ-साथ राज्य में खेल बुनियादी सुविधाओं का विकास और नवाचार करेगी।" सरकार इन तीन महीनों में निजी भागीदारी से राज्य में खेल के बुनियादी ढांचे के निर्माण की भी योजना बना रही है। खेल विभाग ने आवंटित बजट को आगामी तीन माह में नवीन मांग से संचालित योजनाओं पर व्यय करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की है।

खेल विभाग द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार अप्रैल से जून के मध्य 25 करोड़ रुपये के बजट से उत्तर प्रदेश खेल विकास कोष का गठन किया जायेगा। इसमें कहा गया है, "इससे संबंधित एक नीति तैयार की जाएगी और इसकी मंजूरी के लिए सरकार को भेजी जाएगी। एक बार नीति को मंजूरी मिलने के बाद, वित्त विभाग के साथ परामर्श के बाद आवश्यक धनराशि स्वीकृत नियमों के मद्देनजर स्वीकृत की जाएगी।" खेल विकास कोष से राज्य के शीर्ष खिलाड़ियों को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। बयान में साथ ही कहा गया गया कि "वे अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाले उपकरणों की खरीद करने में सक्षम होंगे और विदेशों में प्रशिक्षण और प्रदर्शन करने का भी मौका मिलेगा। इसके अतिरिक्त, खिलाड़ी विदेशी प्रशिक्षकों, फिजियोथेरेपिस्ट और मनोवैज्ञानिकों की सेवाएं भी प्राप्त कर सकेंगे। खेल के बुनियादी ढांचे का विकास इन तीन महीनों के दौरान योगी सरकार और खेल विभाग का मुख्य फोकस राज्य होगा।

पहले से दी जा रही सुविधाओं में सुधार के अलावा विभिन्न जिलों में नवीन निर्माण कार्य कराने के लिए 116.72 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। इसके अनुसार विभागीय अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराये गये प्रस्ताव के आधार पर कार्यदायी संस्था का चयन किया जायेगा. नामित कार्यकारिणी निकाय द्वारा भेजे गए प्राक्कलन की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अनुमानित लागत के संबंध में वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने के पूर्व वित्त विभाग की राय ली जायेगी। प्रदेश में निजी भागीदारी से खेल अधोसंरचना निर्माण के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटन भी प्रस्तावित है। इसके तहत पॉलिसी तैयार कर सक्षम अधिकारी से मंजूरी ली जाएगी। साथ ही वित्त विभाग की राय के अनुसार वित्तीय स्वीकृति दी जायेगी।
इसके अलावा स्पोर्ट्स कॉलेज फतेहपुर को भी सरकार द्वारा 1.50 करोड़ रुपये की ग्रांट दी जाएगी। इसके लिए प्रस्तावित बजट के संबंध में सचिव प्रबंधन समिति उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कॉलेज सोसायटी से प्रस्ताव प्राप्त किया जायेगा। प्रस्ताव पर वित्त विभाग की राय के अनुसार वित्तीय स्वीकृति दी जायेगी।"
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