पीने के पानी का संकट, बढ़े बिजली के बिल, ठप स्वास्थ्य सेवाएं,
टूटी-फूटी सड़कंे, भ्रष्ट नेताओं की भरमार आप की पहचान बन गई है
आम आदमी पार्टी में भ्रष्ट नेताओं की भरमार हो गयी। मंत्रियों पर भ्रष्टता के संगीन आरोप लगे। अदालतों ने भी संज्ञान लिया, सालों-साल नेताओं को अदालत से जमानत नही मिली। 100 करोड़ रुपयों की हेरा-फेरी शराब कांड में साफ-साफ दिखाई दी। रुपया खाया गया, अब इतना भर तय होना है कि किसने खाया। आम आदमी पार्टी से बाहर का कोई व्यक्ति तो खा नही सकता और खाएगा तो मिलकर ही खाएगा। आज नही तो कल सच सामने आएगा और ‘आप” के कुछ माननीय कल जेल में स्थायी रूप से रहने का दंड पा सकते है। नकली डिग्री वालो से लेकर हवाला और शराब की बिक्री, मोहल्ला क्लीनिक, स्कूल निर्माण सभी में घपले के आरोप लग रहे है। अपने को आम आदमी कहने वाले करोड़ो की साज-सज्जा के बंगले में ऐशोआराम में रह रहे है।
जल संकट: ऐसा कोई साल नही बीता जब दिल्ली निवासियों को जल संकट नही झेलना पड़ा हो। पानी की किल्लत रोजमर्रा की आदत बन गयी, लोग पानी के लिये कई स्थानों पर लड़ते झगड़ते रहे। बड़ी-बड़ी संपन्न कालोनियों में भी कई बार दो दिनों तक पानी नही आया । ब्लॉक के ब्लॉक प्यासे रहे, बाग बगीचे गमले भी सूखे और पानी की बोतलंे खरीद-खरीद कर गुजारा करना पड़ा। पानी के टैंकों से की जाने वाली पूर्ति बहुत कम हो पाती थी। यह सिलसिला वर्षों से चल रहा है, कोई सुधार नही हुआ । ‘आप” पार्टी ने बड़े बड़े वादे किये थे पर पीने का जल पर्याप्त कभी नही मिल सका, नहाना तो कई-कई दिन नहीं हो पाया । बिल ना चुकाने पर नलों के कनेक्शन भले कम काटे गये हो पर बढ़ा-चढ़ा कर बिल आने के कारण लोग उसे भर नही पाए।
बिजली बिलों में लूट: शायद ही दिल्ली का कोई घर ऐसा हो जिनके बिल पांच-छह हजार से कम आते हो उनमे भारी बढ़ोत्तरी न हुई हो । बड़े उपभोक्ताओं के साथ भारी अन्याय हुआ, कोई सुनवाई नहीं हुई । शिकायतों का समाधान एक ही बात कह कर होता रहा है कि मीटर ठीक है, बिल सही है। अभी हाल में कमीशन ने फैसला दिया है कि बिजली के बिलों में 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत की गड़बड़ी हुई है। अवांछित चार्ज लगा लगा कर बिलों की रकम बढ़ाई जा रही थी। करोड़ो ही नही अरबों तक वसूली गई। आने बाले बिलों में अब वर्तमान के बिलों की अपेक्षा से कम से कम 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत की कमी आयेगी। साफ है कि कमीशन ने बिजली विभाग की सप्लाई करने वाली एजेंसी कम्पनी और दिल्ली सरकार को दोषी माना है। क्योंकि बिना सरकार की सहमति के तरह तरह के चार्ज लगाकर कर बिलों को बढ़ा चढ़ा कर 50 प्रतिशत तक की लूट की गयी है। उपभोक्ताओ का चिल्ला-चिल्ला कर गला सूख गया पर दिल्ली की ‘आप” सरकार के कान पर जंू तक नही रेंगी। जाहिर है मिलीभगत से कम्पनियों और सरकार ने दिल्ली वासियों को बेरहमी से लूटा है।
सवाल ये है कि कमीशन या भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ये जांच करना चाहिए कि ये गैर-कानूनी वसूली कब से चल रही है और दिल्ली वासियों से गैर कानूनी ढंग से लूटा गया लोगों का पैसा सरकार को वापिस करना चाहिए या आने वाले बिलों में इसे समायोजित करना होगा।

सरकार द्वारा महिलाओ को पेंशन का फर्जी रजिस्ट्रेशन
आप पार्टी के मुखिया, संयोजक पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली प्रदेश की वर्तमान मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ महिलाओं को सरकारी पेंशन दिये जाने का रजिस्ट्रेशन घर-घर जाकर करवा रहे हैं जो बिल्कुल गलत और हवा-हवाई है। पार्टी के सर्वोच्च नेता कह रहे है कि दिल्ली सरकार के मंित्रमंडल का फैसला है कि सभी महिलाओं को 1000/- प्रतिमाह पेंशन दी जायेगी जो उनकी (‘आप”) की सरकार आने पर 2100/- कर दी जायेगी। यदि पार्टी कोई रजिस्ट्रेशन अपनी तरफ से करती या घोषणा करती तो अलग बात थी। चाहे ऐसा आश्वासन होता कि जिसका क्रियान्वयन संभव नही था। आवश्यक कार्यो के लिये भी दिल्ली सरकार के पास बजट नही है। जो था वह बंगलो के सौंदर्यीकरण, साज- सज्जा, आधुनिकीरण और विलासिता पूर्ण निर्माण में लग गया। फिर भी पार्टी अपने घोषणा पत्र या निजी कार्य कलापों में कुछ भी कहती रह सकती थी। पर यहां तो दिल्ली सरकार के नाम पर रजिस्ट्रेशन हो रहा है, सरकार के नाम पर राजनैतिक पार्टी द्वारा रजिस्ट्रेशन किया जाना पूरी तरह गैर कानूनी है।
इसी तरह सरकार के नाम पर महिलाओं को पेंशन देने के रजिस्ट्रेशन करना सरासर अपराध है, लोगो में झूठी बातें फैला कर उन्हें गुमराह कर वोटरों को लुभाया जा रहा है। आज नही तो कल दिल्ली सरकार ‘आप” पार्टी को नोटिस देगी और वे निश्चित ही उन्हें सरकार का काम अपने हाथों में लेने के लिये दोषी पाया जायेगा। सजा होने की भी पूरी संभावना है ।
ठप स्वास्थ्य सेवाएं
एक तो आप पार्टी की सरकार में कोई बड़ा अस्पताल जिसमें स्वास्थ शिक्षा आदि की भी व्यवस्था हो नही खोला गया । ऊपर से भारत सरकार की आयुष्मान योजना को भी शुरू करने से मना कर दिया । आयुष्मान योजना गरीबों के गंभीर बीमारियों में इलाज के लिये अमृत प्रमाणित हुई है। एक जमाने में दिल के वॉल्व वदलने के लिये, इलाज के लिये मदद प्राप्त करने के लिये चक्कर लगा-लगा कर मरीज मर जाते थे तब भी 10-15 हजार रूपए प्रधानमंत्री कोष से मदद मिल पाती थी। 10-15 साल की उम्र के न जाने कितने बच्चे दिल का वॉल्व नही बदलवा पाने के कारण मर जाते थे। यही हाल दिल की बायपास सर्जरी के लिये लोग इन्तजार करते करते मर जाते थे। जोड़ों की बीमारी या कूल्हे की हड्डी या अन्य अस्थि रोग के कारण पीड़ित लोग सर्जरी नही करा पाने के कारण जिन्दगी भर अपाहिज की जिन्दगी जीते थे। आयुष्मान योजना से लाखों लोगो का समय से मुफ्त इलाज होने के कारण उनकी जान बच गयी। जोड़ों के बदलने से बहुत से लोग अपाहिज होने से बच गये।
लेकिन दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ‘आप” पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने ये योजना लागू नही की क्योंकि वह इसका श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को मिलने से घबराते रहे। 10 साल तक आप सरकार में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिये कोई योजना नही बनाई। ना तो महिलाओ को पेंशन देने की या पुजारियों के लिये कोई मदद देने की योजनाएं नही बनायी। अब जो स्वांग रच रहे है वो दिल्ली वासियों के गले नहीं उतर सकता।

विजय खैरा
(आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं। उनसे संपादक व प्रकाशक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है। किसी भी विवाद की स्थिति में हमारा न्याय क्षेत्र दिल्ली होगा।)
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