इन्हीं कुछ सालो में बदलती हुई दुनिया और बदलती हुई मनोरंजन की दुनिया की कहानी काफी रोचक तथा भिन्न रही है। अगर कुछ साल पीछे जाएं, ज्यादा नहीं यानी बस 8 से 9 साल पहले की बात करते हैं। पहले क्या होता था कि लोग जब काम करके थके हारे घर जाते थे तो घर जाकर थोड़ा अच्छा महसूस करने के लिए या कह दीजिये थकावट दूर करने के लिए मनोरंजन का साधन टीवी को मानते थे। उसमे कुछ फिल्में देख कर अपना समय बिताते थे। और हफ्ते में एक दिन परिवार के साथ सिनेमा हॉल में बड़े पर्दे पर पिक्चर देख लेते थे। और लोगों को उस समय पर्दे पर फिल्म देखने में इतनी दिलचस्पी होती की उन फिल्मों को बड़े शौक और प्रेम के साथ समय निकालकर देखते थे। साथ में उन फिल्मों के हीरो और हीरोइन का नाम भी सब जानते थे।
कोविड के बाद एक समय ऐसा आया की दुनिया में जिंदगी जीने के तौर तरीके बदल गए और इतनी जल्दी बदले कि मोनो जो परिवर्तन 6 से 7 साल में होना था वो इन्हीं पिछले 2 से 3 सालों में हो गया और फिर मानो कि जिंदगी में एक नए दौर की शुरुआत हुई। हुआ ये कि कोविड के समय में जब लॉकडाउन लगा था तो कुछ लोगों ने अपने परिवार के साथ और कुछ लोगों ने अकेले अपना समय बिताया। अब उस समय घर से बाहर इतना निकलना होता नहीं था और अपना अकेलापन और खालीपन को दूर करने के लिए लोग ज्यादा समय फोन की स्क्रीन को देने लगे। जिससे कि सोशल मीडिया जो की मनोरंजन की दुनिया में थोड़ा पीछे था वह लोगों की पहली पसंद बन गया। फिर क्या टीवी के रिमोट की जगह लोगों के हाथो में फ़ोन आ गया और फोन में चलने वाला यूट्यूब लोगों का पहली पसंद बन गया। यूट्यूब से लोगों का इतना जुड़ाव हुआ कि आम लोगों के मनोंरजन की दुनिया का साधन ही बदल गया। क्योंकि यूट्यूब मनोंरजन का इतना सास्ता साधन था वो लोगो को लुभाने लगा।
लुभाने की वजह भी जरूर होनी चाहिए, क्योंकि लोग बॉलीवुड के सितारों को, या कह लीजिये बड़े पर्दे की फिल्मों को अपनी दूसरी पसंद जो बना चुके थे। अब बात यह थी कि यूट्यूबर इतना क्यों पसंद आने लगे? इसका कारण यह था कि वो सच्चाई दिखाने लगे वह भी अपने देसी अंदाज में। फिर क्या फिल्मों की जगह ली आम जन जीवन पर बनने वाले ब्लॉग ने। वो ब्लॉग इतना पसंद आने लगे, साथ ही धीरे-धीरे करके लोगों के दिलों में जगह बनाने लगे। यूट्यूबर्स को मशहूर होने या कह दीजिए कि ट्रोल होने में देर भी नहीं लगती। क्योंकि लोगों को तो सिर्फ अच्छा कंटेंट चाहिए होता है। आज की बात की जाए तो लोगों के जीवन में इतनी व्यस्तता हो गयी है कि उन्हें 2 से 3 घंटे वाली फिल्म देखने का समय ही नहीं मिल पाता है और सबसे बड़ी बात है कि टीवी पर फिल्म देखने का सारा मजा तब किरकिरा हो जाता है जब हम समय निकाल कर फिल्म देखने बैठे और उसी दौरान कोई जरुरी काम आ जाये।
अब टीवी इतना छोटा भी नहीं होता कि उसको अपने साथ जेब में डालकर कहीं ले जाया जा सके। इसलिए मोबाइल फ़ोन एक छोटे स्मार्ट टीवी की तरह लोगों के सामने उभरकर आया। यही कारण रहा कि यूट्यूब लोगों की पसंद बना। बड़ी बात यह कि यूट्यूब पर यूट्यूबर्स, लोगों को फिल्मों से अच्छा और थोड़े ही समय की छोटी फिल्म दिखाते हैं यानि की ब्लॉग दिखाते हैं और वो लोगों को काफी पसंद भी है। वैसे आप समझ तो गए होंगे पर आइये आपको थोड़ो और समझाते हैं। अभी कुछ दिन पहले big boss OTT में फेमस हुए एल्विश यादव जो की आम जन-जीवन पर ब्लॉग बनाते हैं। वो ब्लॉग बनाते- बनाते लोगों के दिलों में इतनी जगह बना गए, मानों जितनी भीड़ किसी मुख्यमंत्री के काफिले में नहीं होती, उससे कहीं ज्यादा भीड़ उनके द्वारा बुलाई गयी हर मीटिंग में होती है। आज बड़े-बड़े फ़िल्मी सितारों को अपनी चमक बरकरार रखने के लिए- अलवीश यादव, अभिषेक मल्हान, अंकित ब्यानपुरिया जैसे और भी यूट्यूबर्स का आज उन्हें सहारा लेना पड़ रहा है।
समय के साथ –साथ आज लोगों का स्वाद बहुत तेजी से बदला है। फ़िल्मी सितारों की जगह आज लोग यूट्यूबर्स को जानते हैं और उन्हें बहुत पसंद भी करते हैं। कैसा समय आ गया है कि आज बॉलीवुड के बड़े सितारों को अपनी अकड़ छोड़कर यूट्यूबर्स के साथ काम करना पड़ रहा है। आज यूट्यूब ने गरीब से गरीब आदमी को भी अपने हुनर को निखारने का सुनहरा मौका दिया है, वो भी कम खर्च पर। सबसे बड़ी बात है कि आज सोशल लाइफ के ब्लॉग सबको आगे आने का मौका दे रहे हैं वो भी बिना किसी नेपोटिज्म के। अब बॉलीवुड के फ़िल्मी सितारे भी ट्रोल और ट्रेंड में होना चाह रहे हैं, पर वो लाख कोशिशों और दौड़ भाग करके भी पीछे रह जाते है।
अंकुश मांझू
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