नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के अमेठी से देश के रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में बड़ी खबर सामने आई है। अमेठी के कोरवा स्थित इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड यानी कि IRRPL की फैक्ट्री में बनी पूरी तरह स्वदेशी AK-203 राइफल ‘शेर’ ने फायरिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए X पर बताया कि भारत ने आयात पर निर्भरता खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पूरी तरह स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ का फायरिंग ट्रायल किया है।
CMO ऑफिस ने X पर लिखा कि उत्तर प्रदेश के अमेठी के कोरवा में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड में निर्मित पूरी तरह स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ ने अपने फायरिंग ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है और साथ ही राज्य देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। CMO ने लिखा,
'योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक अग्रणी केंद्र के रूप में उभर रहा है और भारत की आत्मनिर्भरता की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।'

भारत सरकार ने दिसंबर 2021 में IRRPL के साथ 6,01,427 AK-203 राइफलों की खरीद का अनुबंध किया था। इन राइफलों का उत्पादन अमेठी के कोरवा में हो रहा है। सरकार ने यह भी बताया था कि AK-203 का स्वदेशीकरण भारतीय रक्षा बलों के लिए असॉल्ट राइफलों के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद करेगा। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच के अनुरूप है। रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2024 तक IRRPL ने भारत में निर्मित 35,000 AK-203 राइफलें भारतीय रक्षा मंत्रालय को सौंप दी थीं। कंपनी ने यह भी बताया था कि परियोजना का लक्ष्य भारत में AK-203 के उत्पादन को 100 प्रतिशत स्थानीय बनाने का है।
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