भुवनेश्वर 6 मार्च: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोदी सरकार का संकल्प दोहराते हुए कहा है कि 31 मार्च 2026 से पहले देश को नक्सलवाद से मुक्त कर दिया जाएगा। गृह मंत्री नेकटक जिले के मुंडाली स्थित खारबेल क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के 57वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए यह बात कही। शाह ने कहा कि सरकार 31 मार्च तक नक्सलवाद को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। जो लोग तिरुपति से पशुपति तक रेड कॉरिडोर बनाने का सपना देख रहे हैं, उन्हें पराजित किया जाएगा और सुरक्षा बल अपनी मजबूत उपस्थिति स्थापित करेंगे। इस अभियान में सी आई एस एफ के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा चाहे ओड़िशा, छत्तीसगढ़ या तेलेंगाना हो, हो या हर जगह नक्सलवाद के उन्मूलन में औद्योगिक बल ने अपनी भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि भारत के औद्योगिक विकास का विजन CISF के बिना पूरा नहीं हो सकता। चाहे हवाई अड्डे हों, बंदरगाह हों, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान हों या बड़े औद्योगिक इकाइयाँ—CISF हमेशा देश की सुरक्षा कवच के रूप में मजबूती से खड़ी रहती है। इसलिए गृह मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि देश के सभी बंदरगाहों की सुरक्षा भी सीआईएसएफ को सौंपी जाएगी।
शाह ने कहा कि सीआईएसएफ ने न केवल अपनी स्थापना के उद्देश्यों को पूरा किया है, बल्कि हर तरह की चुनौतियों का सामना करते हुए समय के साथ खुद को बदला भी है। उन्होंने कहा कि वीरता, बलिदान और समर्पण भारत के गौरवशाली इतिहास की पहचान हैं। इन मूल्यों को लक्ष्य और आधुनिक हथियारों से लैस होकर सीआईएसएफ ने हर चुनौती का सामना करने की क्षमता दिखाई है।
उन्होंने बताया कि सीआईएसएफ देश के 361 महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा कर रही है, जिनमें 70 हवाई अड्डे भी शामिल हैं। वे एकता की मूर्ति जैसे प्रतिष्ठित स्मारकों की सुरक्षा के साथ बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों की भी रक्षा में लगे हुए हैं।
इस अवसर पर उन्होंने यह भी घोषणा की कि देश के सभी बंदरगाहों की सुरक्षा भी अब सीआईएसएस द्वारा संभाली जाएगी।
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