नई दिल्ली: भारत में रेलवे विकास तेजी के साथ हो रहा है। हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन के साथ ही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की जानकारी देश के सामने साझा की थी। ऐसे में एक बार फिर भारतीय रेलवे की वृद्धि में चार-चांद लगने जा रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद-गोहाना-सोनीपत ट्रैक पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस ट्रेन का नाम NAMO GREEN RAIL रखा गया है। इस बात की जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट के जरिये दी। बता दें कि जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और चीन के बाद इंडिया दुनिया का 5वां देश बन गया है, जो इस टेक्नोलॉजी को अपनाने जा रहा है। हरियाणा के जींद में आधुनिक हाइड्रोजन प्लांट और ट्रेन का इंजन तैयार हो चुका है, जो इस प्रोजेक्ट के सक्सेस को बता रहा है।
रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर इस ट्रेन का वीडियो शेयर किया है, जिसमें इसकी डिजाइन और खूबियों को दिखाया गया है। उन्होंने बताया कि रेलवे जल्द ही इसे पटरियों पर उतारने का प्लान बना रहा है।
First Hydrogen powered coach (Driving Power Car) successfully tested at ICF, Chennai.
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) July 25, 2025
India is developing 1,200 HP Hydrogen train. This will place India among the leaders in Hydrogen powered train technology. pic.twitter.com/2tDClkGBx0
दुनिया की सबसे लंबी और पावरफुल हाइड्रोजन ट्रेन
इंडियन रेलवे द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, यह ट्रेन दुनिया की सबसे लंबी और सबसे पावरफुल हाइड्रोजन ट्रेन होगी। इसका कोच चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में तैयार किया गया है और हाल ही में इसका ट्रॉयल भी पूरा हो चुका है। यह ट्रेन 1200 हार्सपावर इंजन से लैस होगी और 2,638 पैसेंजर्स इसमें सफर कर सकेंगे। इसकी रफ्तार 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी। हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी पर बेस्ड इस ट्रेन से सिर्फ पानी और भाप निकलते हैं, जिससे एनवायरमेंट पॉल्यूशन फ्री रहेगा।
भारत में कितनी हाइड्रोजन ट्रेन चलेंगी
रेलवे की 'हाइड्रोजन ट्रेन फार हैरिटेज' पहल के तहत 35 हाइड्रोजन ट्रेनें चलाने का प्लान है। हर ट्रेन की अनुमानित कीमत करीब 80 करोड़ रुपए होगी। वहीं, विरासत और पहाड़ी रूट के स्ट्रक्चर डेवलप करने में हर रूट का खर्च करीब 70 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।
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