नई दिल्ली: केंद्र सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत कथित रूप से धनराशि रोके रखने के लिए याचिका दायर की है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M K स्टालिन के निर्देशानुसार तमिलनाडु राज्य ने समग्र शिक्षा योजना पर अनुच्छेद 131 के तहत केंद्र सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में।
तमिलनाडु सरकार की ओर से केंद्र के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका में 2 हजार 299 करोड़ 30 लाख 24 हजार 769 रुपये की रिकवरी की अपील की गई है। साथ ही मूल राशि पर 6% प्रति वर्ष की दर से ब्याज का भुगतान की मांग की गयी है। याचिका में ये भी मांग रखी गई है कि NEP और पीएम श्री स्कूल योजना तमिलनाडु राज्य पर बाध्यकारी नहीं है, जब तक कि राज्य सरकार स्वयं इसे लागू न करे।
सुप्रीम कोर्ट में तमिलनाडु सरकार ने गुहार लगाई है कि "प्रतिवादी को अपने निर्देशों का पालन और निष्पादन जारी रखने का निर्देश दिया जाना चाहिए। वादी को राज्य अनुदान की सहायता का भुगतान करने के वैधानिक दायित्व का निर्वहन करना चाहिए। केंद्र सरकार को योजना व्यय का 60% हिस्सा शैक्षणिक वर्ष के प्रारंभ से पहले भुगतान करना होगा।"
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से दायर की गई याचिका को लेकर तमिलनाडु की सत्ताधारी दल DMK के प्रवक्ता सरवणन अन्नादुरई ने कहा- "तमिलनाडु सरकार ने समग्र शिक्षा योजना के तहत तमिलनाडु राज्य को मिलने वाले 2,291 करोड़ रुपये जारी न करने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ मुकदमा दायर किया है... इस धनराशि को राष्ट्रीय शिक्षा नीति योजना के कार्यान्वयन से नहीं जोड़ा जा सकता।"
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