नई दिल्ली: मंगलवार, 2 मार्च को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर वार किया। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का दुरुपयोग करके चुनावी बॉन्ड के माध्यम से धन ‘उगाही' करने के खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार ने लोगों का ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया। देश के इतिहास में पहली बार डर दिखाकर ‘जबरन वसूली' की जा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा ने चुनावी बॉन्ड के नाम पर कई कंपनियों से पैसा ‘वसूल' किया।
यहां पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करने पहुंचे सपा प्रमुख ने कहा कि जब उनकी ‘जबरन वसूली' तकनीक उजागर हुई तो भाजपा सरकार ने लोगों का ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार और लूट के नए तरीके खोजे हैं।'' यादव ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा ने ईडी, सीबीआई और अन्य सरकारी एजेंसियों पर दबाव डालकर और डर दिखाकर चंदा एकत्र किया है। बाद में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया' की एकता से चिंतित है और इसलिए फर्जी मामले दर्ज करके विपक्षी नेताओं को बदनाम कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी को न्यायपालिका पर भरोसा है। अदालत सच्चाई का साथ देगी। धीरे-धीरे सभी नेता सामने आएंगे। भाजपा सरकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, झारखंड के हेमंत सोरेन, सपा के मोहम्मद आजम खान और उनके परिवार और विधायक इरफान सोलंकी को झूठे मामलों में फंसाया है।''
उन्होंने आगे कहा कि, ‘‘विपक्ष की आवाज को दबाने और नफरत के कारण इन नेताओं को जेल भेजा गया है। इस बार लोकसभा चुनाव में लोग भाजपा द्वारा थोपे गए अन्याय और झूठे मुकदमों के खिलाफ वोट करेंगे।''
यादव ने बिना नाम लिए कहा कि लोगों को संदेह है कि जेल में किसी कैदी को जहर दिया गया है, उन्होंने संभवत: माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत के संदर्भ में यह बात कही।
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