नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (SP) के नेता अब्दुल्ला आजम खान करीब डेढ़ साल बाद मंगलवार को हरदोई जिला कारागार से रिहा हुए। अब्दुल्ला आजम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल के गेट से बाहर आए। वह किसी से मिले बिना और मीडिया से बिना बात किए रामपुर के लिए रवाना हो गए। अब्दुल्ला आजम सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खान के बेटे हैं, जो विभिन्न मामलों के तहत सीतापुर की जेल में बंद हैं। अब्दुल्ला आजम की रिहाई की खबर सुनकर मुरादाबाद की महिला सपा सांसद रुचि वीरा समेत कई नेता और कार्यकर्ता हरदोई जेल के बाहर पहुंच गए।
अब्दुल्ला आजम खान पर दर्ज हुए थे 45 मामले
अब्दुल्ला आजम खान को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दी थी। लेकिन रामपुर में एपी-एमएलए कोर्ट के समक्ष एक अलग मामले में लंबित कानूनी औपचारिकताओं के कारण वह अभी भी जेल में थे। पिछले कुछ सालों में उनके खिलाफ 45 मामले दर्ज हुए थे और सभी में उन्हें जमानत मिल गई थी।
जमानत सत्यापन से संबंधित प्रोसेस के कारण उनकी रिहाई में देरी हुई। सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट से रिहाई का आदेश हरदोई जेल भेजा गया, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ। मंगलवार को अब्दुल्ला आजम खान करीब डेढ़ साल बाद जेल से बाहर आ गए।
सपा सांसद रुचि वीरा ने न्यायपालिका में अपना विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, 'हमें हमेशा से न्यायपालिका पर भरोसा था और आगे भी रहेगा। आज न्याय हुआ है और हमें उम्मीद है कि भविष्य में भी न्याय होगा।'

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