logo

सिसकती हिंडन : हिंडन नदी को निर्मल बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक

Sobbing Hindon: Collective efforts necessary to clean Hindon river

हिंडन नदी, जो गाजियाबाद समेत कई जिलों से होकर बहती है, आज गंभीर प्रदूषण का सामना कर  रही है। नदियों का संरक्षण न केवल पर्यावरणीय आवश्यकता है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक उत्तरदायित्व भी है। गंगा और उसकी सहायक नदियों के पुनरुद्धार के लिए 2015 में भारत सरकार ने 'नमामि गंगे' कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसमें प्रमुख सहायक नदियों जैसे हिंडन को स्वच्छ और संरक्षित करने की जिम्मेदारी भी शामिल है।

गाजियाबाद में उत्थान समिति द्वारा आयोजित हिंडन महोत्सव इसी उद्देश्य से हर वर्ष आयोजित किया जाता है। इस महोत्सव में बच्चों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को जागरूक करने के लिए पेंटिंग प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और स्वच्छता अभियान जैसे विभिन्न कार्यक्रम शामिल हैं। उत्थान समिति की भूमिका और प्रयास उत्थान समिति ने हिंडन नदी के संरक्षण के लिए कई कदम उठाए हैं ताकि लोगों में जागरूकता फैलाई जा सके और स्वच्छता का महत्व बताया जा सके।

समिति की गतिविधियां इस प्रकार हैं
जागरूकता अभियानः समिति ने हिंडन महोत्सव के माध्यम से स्थानीय स्कूलों में जाकर जागरुकता फैलाने का कार्य किया है। छात्रों को नदी की मौजूदा स्थिति और इसे प्रदूषण मुक्त बनाने के महत्व के बारे में बताया जाता है। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से उनके परिवारों और समुदाय में भी यह संदेश पहुँचाना है।

पेंटिंग प्रतियोगिताएंः महोत्सव में बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जहां वे अपनी रचनात्मकता से नदी संरक्षण का संदेश देते हैं। ये प्रतियोगिताएं न केवल बच्चों में जागरूकता फैलाने में मददगार हैं, बल्कि उनके चित्रों के माध्यम से समाज को भी एक सकारात्मक संदेश मिलता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमः बच्चों और स्थानीय कलाकारों के नाटक, गीत, नृत्य और कविताओं के माध्यम से नदी संरक्षण का संदेश दिया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम आम जनता को मनोरंजक तरीके से जोड़ने और संदेश को गहराई तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम है।



प्रदूषण नियंत्रण के अन्य उपाय
हिंडन नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए अन्य उपायों में कारखानों के दूषित जल का प्रवाह रोकना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, और वृक्षारोपण शामिल हैं।

कारखानों का दूषित जल...
हिंडन में प्रदूषण का एक बड़ा कारण कारखानों का दूषित जल है। इसके लिए सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सख्त नियम लागू करने चाहिए और सभी कारखानों को जल शोधन संयंत्र स्थापित करने के निर्देश देने चाहिए। इस पानी के शोधन और प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाना जरूरी है, ताकि नदी में बिना शोधन के कोई भी दूषित जल न जाए।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग
वर्षा जल संचयन से भूजल स्तर में सुधार होता है और पानी की उपलब्धता बढ़ती है। लोगों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि वे जल संरक्षण में योगदान दे सकें।

वृक्षारोपण
हिंंडन के किनारों पर वृक्षारोपण से मिट्टी का कटाव रुकता है और प्रदूषण का प्रभाव भी कम होता है। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और वातावरण को शुद्ध करते हैं। इस उद्देश्य के लिए वृक्षारोपण अभियान चलाना और स्कूलों एवं गैर-सरकारी संगठनों को इसमें शामिल करना आवश्यक है।

जन जागरूकता कैसे बढ़ाई जा सकती है?
हिंडन को प्रदूषण मुक्त करने के लिए जन जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। इसके लिए कई तरीके अपनाए जा सकते हैंः

सोशल मीडिया अभियान... सोशल मीडिया के जरिए व्यापक जनसमूह तक पहुंचा जा सकता है। हिंडन की स्थिति, उसके संरक्षण के उपायों और समाज के योगदान पर आधारित वीडियो, ग्राफिक्स और पोस्ट साझा किए जा सकते हैं।

सामाजिक आयोजन... स्थानीय मेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा सकता है। ऐसे कार्यक्रमों में लोगों को हिंडन की समस्या से अवगत कराया जा सकता है और वे भी इस मिशन का हिस्सा बन सकते हैं।

स्वयंसेवकों का योगदान... स्थानीय समाज के हर वर्ग से स्वयंसेवकों की टीम बनाकर, वे विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक कर सकते हैं। नुक्कड़ नाटक, पोस्टर वितरण और वर्कशॉप के माध्यम से भी लोग जागरूक हो सकते हैं।

'नमामि गंगे' और सरकारी योजनाएं
गंगा और उसकी सहायक नदियों के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई पहल की गई हैं, जिसमें नमामि गंगे मिशन का विशेष योगदान है। प्रदूषण नियंत्रण और घाटों का विकास, ग्रामीण स्वच्छता, वनस्पतियों और जीवों का संरक्षण, और मानव संसाधन प्रबंधन जैसे पहलुओं पर भी कार्य किए जा रहे हैं। इस मिशन के तहत, तकनीकी सहयोग, वित्तीय प्रबंधन, और अंतरराज्यीय सहयोग पर जोर दिया जा रहा है, ताकि नदियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाया जा सके।

थर्ड पार्टी सोशल ऑडिट की अनिवार्यता
हिंडन नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए चल रहे कार्यों की गुणवत्ता और प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी सोशल ऑडिट आवश्यक है। यह ऑडिट न केवल गतिविधियों की निगरानी करता है, बल्कि सभी कार्यों की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को भी बढ़ाता है। सोशल ऑडिट से समाज को इस परियोजना की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती है और इसे सफलता के करीब लाने के लिए जरूरी सुधार किए जा सकते हैं।

निष्कर्ष... हिंडन को प्रदूषण मुक्त बनाना एक सामूहिक प्रयास की मांग करता है। सरकार, समाज, गैर-सरकारी संगठन, और हर व्यक्ति का योगदान इस दिशा में महत्वपूर्ण है। उत्थान समिति ने इस प्रयास में एक अहम भूमिका निभाई है, परंतु इसे व्यापक बनाने के लिए इसे समाज के हर वर्ग में फैलाना आवश्यक है। एक स्वच्छ और स्वस्थ हिंडन न केवल पर्यावरण की दृष्टि से, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है





सत्येन्द्र सिंह

(https://hindi.indiawaterportal.org/river-and-pond) 
(आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं। उनसे संपादक व प्रकाशक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है। किसी भी विवाद की स्थिति में हमारा न्याय क्षेत्र दिल्ली होगा।)

Leave Your Comment

 

 

Top