नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद राज्य और केंद्र दोनों सरकारों के लिए लगातार चुनौती बना हुआ है। बीते दिन छ्तीसगढ़ मे हुए नक्सली हमले के बाद प्रसाशन ने शुक्रवार, 7 जून की रात नक्सलियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। छत्तीसगढ़ के नारायाणपुर के एक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने शनिवार, 8 जून को बताया कि छत्तीसगढ़ के नारायणपुर, दंतेवाड़ा और कोंडागांव की अंतर-जिला सीमा पर जिला रिजर्व समूह (डीआरजी) के जवानों के साथ मुठभेड़ में कम से कम सात नक्सली मारे गए। उन्होंने कहा कि "हथियार बरामद कर लिए गए हैं। ऑपरेशन जारी है।"
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने आगे बताया कि नक्सलियों के खिलाफ हुए ऑपरेशन में अभी तक मुठभेड़ स्थल से सात नक्सलियों के शव बरामद किये गये हैं।
बता दें कि शुक्रवार रात हुई मुठभेड़ में घायल हुए नारायणपुर डीआरजी के तीन जवानों को पूर्वी बस्तर डिवीजन के अंतर्गत गोबेल इलाके से हवाई मार्ग से अस्पताल ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि नारायणपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा और जगदलपुर से डीआरजी की एक संयुक्त टीम आईटीबीपी की 45वीं बटालियन के साथ अबूझमाड़ इलाके में माओवादी विरोधी अभियान पर थी, तभी माओवादियों ने बलों पर गोलियां चला दीं और हमले का तेजी से जवाब दिया गया। जवाबी कार्रवाई में 7 नक्सलियों को मार गिराया गया।
इससे पहले 2 जून को नारायणपुर जिले के दुर्मी गांव में नक्सलियों ने एक मोबाइल टावर में आग लगा दी थी। वहीं 25 मई को बीजापुर के जप्पेमरका और कमकानार के जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए थे।
बता दें कि पिछले महिने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि अगले 2 से 3 सालों में नक्सलवाद और नक्सलियों से छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए प्रयासों से उन आदिवासी क्षेत्रों तक कल्याणकारी योजनाएं पहुंची हैं जो इससे वंचित रह गए थे।
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