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हिंदुओं की सुरक्षा, हिंसा व भड़काऊ वक्तव्यों पर रोक, पीड़ितों को मुआवजा व हमलावरों तथा हत्यारों पर कठोर कार्यवाही तुरंत हो: विहिप

Security of Hindus, ban on violence and provocative statements, compensation to victims and strict action against attackers and killers should be taken immediately: VHP

सिलीगुड़ी, 15 अप्रैल, 2025: विहिप के सिलीगुड़ी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए  विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) श्री मिलिंद परांडे ने सिलीगुड़ी महानगर के नागरिकों और पश्चिम बंगाल के सभी लोगों को पोइला बैशाख और शुवो नववर्ष 1432 बंगाबद के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि पश्चिम बंगाल में शांति, व्यवस्था और कानून का राज स्थापित हो तथा वक्फ कानून के विरुद्ध प्रदर्शन के नाम पर राज्य के हिंदुओं के जीवन और संपत्तियों पर जिहादी हमले शीघ्र बंद होंगे ।

आज विहिप के सिलीगुड़ी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के मंत्री श्री सिद्दीकुल्ला चौधरी का भड़काऊ बयान निंदनीय है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। मुर्शिदाबाद के धुलियान, सुती, शमशेरगंज में हिंदुओं पर हुए हमले निंदनीय हैं। जिहादी हमलों में मारे गए श्री हरगोविंद दास और श्री चंदन दास के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। साथ ही दोषियों को मृत्युदंड दिया जाना चाहिए। अपने ही राज्य में शरणार्थी बनने को मजबूर बंगाली हिंदू जो मुर्शिदाबाद से मालदा में शरण लिए हुए हैं, उन्हें उनके शीघ्र पुनर्वास और मुआवजा दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह घटना कश्मीर में हुई घटनाओं की हूबहू पुनरावृत्ति है। 

विहिप महासचिव (संगठन) ने यह भी कहा कि राज्य के एक अन्य मंत्री मंत्री श्री फिरहाद हकीम का हिंदुओं के अपने ही राज्य में शरणार्थी बनने संबंधी बयान बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। श्री परांडे ने कहा कि राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कल वक्फ आंदोलन के नाम पर सिलीगुड़ी और बाद में पश्चिम बंगाल में अन्य जगहों पर कानून-व्यवस्था न बिगड़े, अन्यथा केंद्र सरकार का हस्तक्षेप जरूरी है। पश्चिम बंगाल के मंत्री एस. चौधरी के भड़काऊ बयानों के मद्देनजर हिंदुओं की जान-माल की सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की अबिलंब तैनाती भी की जानी चाहिए।

विहिप मांग करती है कि विरोध के नाम पर राज्य और राष्ट्रीय संपत्ति तथा हिंदुओं की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने से होने वाले वित्तीय नुकसान की भरपाई विरोध प्रदर्शन के आयोजकों से की जानी चाहिए।

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