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जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगातार दूसरे दिन हंगामा, चार बिल पेश कराने की कोशिश में है सरकार, जानिए पूरी अपडेट

Ruckus in Jammu and Kashmir Assembly for the second consecutive day, government is trying to introduce four bills, know the complete update

नई दिल्ली: गुरुवार, 30 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में लगातार दूसरे दिन भी हंगामा देखने को मिला। बता दें कि विधानसभा में सरकार आज टेनेंसी रिफॉर्म, पंचायती राज, लेबर वेलफेयर और कोऑपरेटिव से जुड़े बिल लाएगी और इसे पास कराने की कोशिश करेगी। असेंबली के बिज़नेस शेड्यूल के मुताबिक, लिस्टेड चार बिलों में जम्मू और कश्मीर टेनेंसी बिल, 2025 (L.A. बिल नंबर 4 ऑफ़ 2025) शामिल है, जिसका मकसद एक रेंट अथॉरिटी बनाना है जो जगहों को किराए पर देने को रेगुलेट करे और एक तेज़ एडज्यूडिकेशन सिस्टम के ज़रिए मकान मालिकों और किराएदारों के अधिकारों की रक्षा करे।

कौन से चार बिल पास कराएगी सरकार- 

जम्मू और कश्मीर पंचायती राज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 (L.A. बिल नंबर 5 ऑफ़ 2025), 1989 एक्ट के तहत बनाए गए पंचायती राज फ्रेमवर्क को मज़बूत करने के लिए बदलावों का प्रस्ताव करता है। जम्मू और कश्मीर शॉप्स एंड एस्टैब्लिशमेंट्स (लाइसेंसिंग, एम्प्लॉयमेंट का रेगुलेशन और सर्विस की शर्तें) बिल, 2025 (L.A. बिल नंबर 6 of 2025), कमर्शियल एस्टैब्लिशमेंट्स में लेबर कानूनों और काम करने के हालात को आसान बनाने के लिए है। जम्मू और कश्मीर कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2025 (L.A. बिल नंबर 7 of 2025), पूरे UT में कोऑपरेटिव सोसाइटीज़ के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए बदलाव की मांग करता है।

एसईसी पद के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने से जुड़ा विधेयक विधानसभा में पेश 

 इससे पहले सरकार ने बुधवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) के पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष करने के लिए विधानसभा में एक विधेयक पेश किया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री जाविद अहमद डार ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज अधिनियम, 1989 में संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश किया। विधेयक के मसौदे में कहा गया है, “राज्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा। वह 70 वर्ष की आयु होने तक पद पर रह सकते हैं। मसौदे में कहा गया है कि राज्य निर्वाचन आयुक्त (एसईसी) पद से इस्तीफा दे सकते हैं या उन्हें धारा 36बी में उल्लेखित प्रक्रिया के अनुसार हटाया जा सकता है।

सदन में बुधवार को हंगामा

इससे पहले विधानसभा में बुधवार को उस समय हंगामा हुआ जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक शगुन परिहार ने आरोप लगाया कि सरकार किश्तवाड़ के कुछ इलाकों की उपेक्षा कर रही है क्योंकि वहां ‘राष्ट्रवादी हिंदू’ रहते हैं। किश्तवाड़ की विधायक ने यह टिप्पणी शून्यकाल के दौरान की, जिस पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। मंत्री जाविद डार ने कहा कि ये टिप्पणियां सांप्रदायिक हैं और इन्हें कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक नजीर अहमद खान गुरेजी ने कहा कि हजारों मुसलमानों ने देश के लिए कुर्बानी दी है और उनका अपमान नहीं किया जाना चाहिए। शोरगुल के बीच उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में मुसलमान, सिख और ईसाई भी हिंदुओं की तरह ही राष्ट्रवादी हैं।

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