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आतंकवाद का जड़ से खात्मा

root out terrorism

आतंकवाद का जड़ से खात्मा
भारत के सैन्य इतिहास में ऑपरेशन सिंदूर एक ऐतिहासिक क्षण के रूप दर्ज हो गया है। यह देश की सैन्य रणनीति में आए एक निर्णायक बदलाव को दिखाता है। अचूक और त्वरित गति से किए गए इस ऑपरेशन ने न केवल पाकिस्तान के आतंकी ढांचे को महत्वपूर्ण भौतिक और मानवीय क्षति पहुंचाई, बल्कि स्वदेशी सैन्य क्षमताओं में भारत की बढ़ती ताकत को भी रेखांकित किया। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट लाल रेखा खींचने में सफलता हासिल की। जिसके बाद यह नाम भौगोलिक सीमाओं को पार करके पूरी दुनिया में गूंजने लगा। जिसमें पाकिस्तान जैसे विफल राज्यों  द्वारा शुरु किया गया आतंकवाद सहमकर शांत हो गया। ऑपरेशन सिंदूर के रणनीतिक महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। इसने पाकिस्तान के आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र और सैन्य प्रतिष्ठान को करारा झटका देते हुए उनकी कमजोरियों को उजागर किया। जिसे लंबे समय से चीन जैसे देशों के बाहरी समर्थन के जरिए छिपाया जा रहा था। इस ऑपरेशन की सफलता ने चीनी आयुधों के खोखलेपन को पूरी दुनिया के सामने रख दिया, जो पाकिस्तान को भारत के सटीक हमलों से बचाने में विफल रहा। इसके अलावा इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान की परमाणु और वायु रक्षा प्रणालियों की गंभीर कमजोरियों को उजागर किया, जिसने उसकी सैन्य क्षमताओं पर छाई अजेयता की माया को नष्ट कर दिया। इस रहस्योद्घाटन ने न केवल क्षेत्रीय सैन्य गतिशीलता को नया रूप दिया, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसकी गूंज दूर तक सुनाई दी। जिससे राज्य प्रायोजित आतंकवाद से निपटने में अंतर्राष्ट्रीय रणनीतियों का पुनर्मूल्यांकन हुआ। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का मुख्य कारण भारत द्वारा स्वदेशी सैन्य तकनीक का कुशलपूर्वक प्रयोग था। इस अभियान ने उन्नत सैन्य हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को डिजाइन करने, विकसित करने और तैनात करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया, जिससे स्वदेशी रक्षा उत्पादन में भारत की सर्वोच्चता स्थापित हुई। इस तकनीकी छलांग ने एक महत्वपूर्ण बदलाव को चिह्नित किया, जो कि यह बताता है कि भारत अब अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों के खरीदार से निर्माता की भूमिका में आ चुका है।

 इस नजरिए से देखें तो यह नकारा नहीं जा सकता कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए ऑपरेशन सिंदूर एक चेतावनी के रूप में कार्य करता है, जो राज्य प्रायोजित आतंकवाद द्वारा उत्पन्न  खतरे को उजागर करता है और ऐसी अस्थिरकारी ताकतों के विरुद्ध सामूहिक कार्रवाई की अनिवार्यता को दर्शाता है। इसने आतंकवाद को रोकने और इसे बढ़ावा देने वाले या इसका समर्थन करने वाले देशों को जवाबदेह ठहराने के लिए मजबूत अंतर्राष्ट्रीय तंत्र की आवश्यकता को पर बल दिया है। इसके विपरीत, पाकिस्तान के लिए ऑपरेशन सिंदूर एक रणनीतिक दुःस्वप्न के रूप में सामने आया, जिसने इसके सैन्य बुनियादी ढांचे की कमज़ोरी और इसके आतंकवाद-रोधी उपायों की अपर्याप्तता को उजागर किया। ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को दिए जा रहे अपने समर्थन का दंड भोगने के लिए  मजबूर होना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप कूटनीतिक अलगाव और इसकी आतंकवाद फैलाने वाली नीतियों का आंतरिक परीक्षण हो गया। इन सबसे परे ऑपरेशन सिंदूर भारत की आध्यात्मिक शक्ति के प्रदर्शन का भी मौका था। जो कि देश तथा देशवासियों की रक्षा करने और वैश्विक शांति को बनाए रखने के अपने संकल्प का एक प्रमाण था। सटीकता के साथ निष्पादित और रणनीतिक दूरदर्शिता द्वारा निर्देशित ऑपरेशन सिंदूर ने क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देते हुए आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए प्रतिबद्ध एक जिम्मेदार वैश्विक खिलाड़ी के रूप में भारत की भूमिका को मजबूत बनाया है। ऑपरेशन सिंदूर ने भारत के सुरक्षा सिद्धांत और इसकी सैन्य क्षमताओं की अमिट छाप वैश्विक समुदाय पर छोड़कर अपने तात्कालिक सैन्य उद्देश्यों को हासिल कर लिया। यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में देश की उपलब्धियों का बड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक है। जिसने सभी मोर्चों पर आतंकवाद से निपटने की देश की प्रतिबद्धता को दोहराया। जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियों से जूझ रहे भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए दिखा दिया है कि उसमें राष्ट्रीय हितों और वैश्विक सुरक्षा की रक्षा हेतु साहस, दृढ़ संकल्प और रणनीतिक कौशल की कमी नहीं है।





दीपक कुमार रथ

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