छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हालिया जीत न केवल राजनीतिक दृष्टि से अहम है, बल्कि इसके बाद पार्टी द्वारा नेताओं के चुनाव की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव भी देखा गया। मुख्यमंत्रियों की नियुक्ति के संबंध में लिए गए आश्चर्यजनक निर्णय, जमीनी स्तर की राजनीति के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता और सामान्य कार्यकर्ताओं के शीर्ष पदों पर पहुंचने की क्षमता को दिखाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा द्वारा मुख्यमंत्रियों के चुनाव के इस कदम से बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। वह यह है कि भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक पदानुक्रमों को नहीं बल्कि योग्यता को महत्व देती है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय से लेकर मध्य प्रदेश में मोहन यादव और राजस्थान में भजनलाल शर्मा तक, सभी नियुक्तियाँ लीक से हटकर की गई हैं और यह राजनीतिक लॉबिंग करने वाले लोगों को पार्टी का स्पष्ट संकेत भी देती है। यह साहसिक दृष्टिकोण न केवल भाजपा के राजनीतिक प्रभुत्व को मजबूत करता है बल्कि "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास" के आदर्श वाक्य के तहत समावेशी शासन के महत्व को भी दिखाता है। नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपना और जमीन से जुड़े नेताओं को सशक्त बनाने का भाजपा का निर्णय, देश में जमीनी स्तर पर राजनीति को फिर से जीवंत करने की एक व्यापक रणनीति का संकेत देता है। यह कदम भारतीय राजनीति में राजनीतिक विरासत, भाई-भतीजावाद और धन और शक्ति के प्रभुत्व की परंपरा को ध्वस्त करता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नेतृत्व के जरिए यह दिखा दिया है कि राजनीति कुछ खास चुनिंदा लोगों का क्षेत्र नहीं है। बल्कि एक ऐसा क्षेत्र है जहां योग्यता और समर्पण से काम करने वाला सबसे सामान्य कार्यकर्ता भी सत्ता के उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है। राजस्थान में पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाए जाना कोई छोटा कदम नहीं है। यह फैसला उस पारंपरिक राजनीतिक समझ को चुनौती देता है, जो यह कहती है कि मुख्यमंत्री जैसे उच्च पदों पर रहने के लिए राजनीतिक अनुभव एक जरुरी शर्त है। भाजपा नए चेहरों को सामने लाकर भारतीय राजनीति में ताजगी भर रही है और इस धारणा को दूर कर रही है कि राजनीतिक नेतृत्व कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित है।
इस पृष्ठभूमि में, यह नहीं कहा जा सकता कि इन राज्यों में नेतृत्व के प्रति भाजपा का दृष्टिकोण महज राजनीतिक पैंतरेबाजी से परे है; यह सच्चे लोकतंत्र के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह रणनीति न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में आम लोगों का विश्वास बढ़ाती है बल्कि इस विचार को भी मजबूत करती है कि वास्तविक और समावेशी जमीनी स्तर की राजनीति देश के भविष्य को आकार दे सकती है। भाजपा द्वारा उठाए गए इन कदमों को देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि इन राज्यों में नेतृत्व का चयन के पीछे भाजपा की महज राजनीतिक पैंतरेबाज़ी नहीं है, बल्कि योजना इससे आगे की है। यह सच्चे लोकतंत्र के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह रणनीति न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया में आम लोगों का विश्वास बढ़ाती है बल्कि इस विचार को भी मजबूत करती है कि वास्तविक और समावेशी जमीनी स्तर की राजनीति देश के भविष्य को आकार दे सकती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लड़े गए रणनीतिक रूप से बहुत अहम विधानसभा चुनाव के नतीजों ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे तीनों राज्यों की राजनीति में एक पीढ़ीगत बदलाव का मंच तैयार किया है। नेतृत्व में साफ सुथरा परिवर्तन व्यक्तिवादी राजनीति के अंत का संकेत देता है, जिससे भारत में एक स्वच्छ, आदर्शवादी और शक्तिशाली राजनीतिक व्यवस्था का मार्ग खुलता है। इन राज्यों में पूरे चुनाव अभियान के दौरान, भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अभियान के दौरान संभावित मुख्यमंत्रियों को प्रोजेक्ट न करने के फैसले ने सस्पेंस का माहौल पैदा कर दिया। लेकिन इसके परिणामस्वरूप अंततः मतदाताओं के लिए आश्चर्यजनक और सुखद विकल्प सामने आए।
मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों के रूप में पार्टी की विचारधारा से गहराई से जुड़े अपेक्षाकृत युवा नेताओं की नियुक्ति जमीनी स्तर की प्रतिभा को मजबूत बनाने की भाजपा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, नेतृत्वकर्ता पदों पर महिलाओं को शामिल करने से यह संदेश पुष्ट होता है कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जहां लिंग, जाति, संप्रदाय, संपत्ति से परे सभी मेहनती और समर्पित व्यक्ति बड़े राजनीतिक पदों पर पहुंच सकते हैं। अंत में, यह कहना उचित होगा कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम एक नई राजनीतिक पृष्ठभूमि तैयार करने के भाजपा के कदम को दिखाते हैं, जो योग्यता, समावेशिता और जमीनी स्तर के नेतृत्व को प्राथमिकता देता है। पारंपरिक मानदंडों को चुनौती देकर और नए चेहरों को बढ़ावा देकर, भाजपा न केवल चुनावी जीत हासिल कर रही है बल्कि एक अधिक गतिशील और उत्तरदायी राजनीतिक प्रणाली की नींव भी रख रही है। जैसे-जैसे भाजपा आगे बढ़ रही है, यह वास्तविक लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और समावेशी शासन के युग की शुरुआत करते हुए अन्य राजनीतिक संस्थाओं के लिए भी एक मिसाल कायम कर रही है।

दीपक कुमार रथ
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