इंडियन स्टेट के नाम पर भारतीय राज्य व्यवस्था, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खिलाफ अपनी लड़ाई बताने वाले लोकसभा में विपक्ष के नेता प्रतिष्ठित नेहरू परिवार के वारिस और कांग्रेस के कब्जेदार राहुल गांधी रास्ता भटक गये है। देश की आजादी में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी को पतन की ओर जाने से रोकनें के बजाय उसमें पलीता लगाने का काम हो रहा हैं। उनके कार्यकलापों और बोलों से एैसा प्रतीत होता है कि वे राष्ट्रीय तो क्या अंतर्राष्ट्रीय मंचों और विदेश में भी देश की बुराई करनें से परहेज नहीं करते। उनकी राजनैतिक प्रतिद्धंदिता भाजपा से हो सकती है। नरेन्द्र मोदी सरकार से हो सकती है। विपक्ष के नेता होने के कारण ऐसा होना भी चाहिये। भाजपा या मोदी की बुराई के बजाय वे एक बार नहीं अनेंको बार देश के खिलाफ ही ब्यानबाजी कर देते हैं, करते जा रहे हैं। मैं यहां केवल विदेशी भूमि पर उनके द्वारा देश के खराब माहौल या बिगड़ती धार्मिक स्थितियां जो सर्वथा झूंठी हैं, का उल्लेख करूंगा।
इंडियन स्टेट (राज्य) के खिलाफ सरकार बेजा नियंत्रण पर उंगली उठाने वाले राहुल क्या जानते हैं कि:
राहुल की राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर एक नजर
राहुल गांधी, इल्हान उमर, अमेरिका संसद में प्रतिनिधि नूर उमर मोहम्मद की पुत्री, से अमेरिका में जाकर मिले। इल्हान ने अमेरिका की संसद में हिजाब पहनने वाला प्रस्ताव पास कराया था। खुद हिजाब पहिन कर संसद में जाने वाली इस पहली महिला ने कुरान की प्रति हाथ में लेकर शपथ ली। राहुल कोे अमेरिका मे हमारे देश की दुश्मन इल्हान से भेंट करनें में जरा भी लाज नही आयी। राहुल जानते थे कि इसका एजेंडा भारत विरोधी है। इस महिला ने हमारे आंतरिक मामले में दखल देकर हमें विश्व में बदनाम करनें की कोशिश की। इसने कहा था कि कश्मीर में नरसंहार हो रहा है। यहां तक कि अमेरिकी संसद में भारत विरोधी प्रस्ताव भी लायी थी। भारत को धार्मिक रूप से चिंताजनक नोमिनेट करवाने का प्रयास किया। कांग्रेस पार्टी और राहुल को उसके विरूद्ध आवाज उठानी चाहिये थी, बजाय इसके उस महिला से मिले जिससे उसे भारत का विरोध करने की ताकत मिली। इसीने POK जाकर पाकिस्तान में हिन्दु-फोबिया की बात की थी। सनातन धर्म के खिलाफ बोलनें वाली कट्टर मुस्लिम महिला से मिल कर राहुल ने पूरे अमेरिका और विश्व में भारत के ऊपर एक संदेहजनक संदेश िदया।
मैरी मिलवन (अमेरिकी गायिका) ने राहुल गांधी की देश भक्ति पर सवाल उठाया। व्हाउट हाउस अमेरिका की प्रसिद्ध गायिका ने जून 2023 में राहुल गांधी की अमेरिका में बोले गये कुछ वक्तव्यों पर अपनी प्रतिक्रिया इस तरह दी थी : “ लगातार अपने ही देश के खिलाफ बोलनें वाले नेता को किसी भी देश में लोगों का समर्थन मिलना बहुत मुश्किल है”। प्रसिद्ध गायिका ने इसे राहुल की बदजुबानी बताया था। कोई साधारण व्यक्ति भी दूसरे देश में अपने देश की प्रशंसा ही करेगा। बाहर दूसरे देश में कम से कम बुराई तो कर ही नहीं सकता। राहुल मोदी के चक्कर में, भारत की बुराई करने लगते हैं।
सितम्बर 2024 में अमेरिका मे सबसे झूंठ बोल कर नया कीर्तिमान स्थापित कर डाला। जनाब ने अमेरिका के वर्जीनिया स्टेट के हेमडन शहर में तो कमाल ही कर दिया। एक सिक्ख से सवाल करते हुये कह दिया कि भारत में सिख कैसे असुरक्षित है, उन्हें धार्मिक आजादी नहीं है, उन पर तरह-तरह के प्रतिबन्ध हैं। जैसे :
आप हम सब, सिक्ख समाज और हमारा लेख पढ़ने वाले सभी जानते हैं कि ये राहुल का सफेद झूंठ है जो किसी के गले नहीं उतरेगा। हमें सोचना होगा कि अपने देश को बदनाम करके वो भी झूंठ की बुनियाद पर क्या लाभ राहुल उठाना चाहते थे या खालिस्तान प्रेमियों के हाथ एक झूंठा हथियार थमाना चाहते थे। क्या हिन्दु-सिक्खों को लड़ाना चाहते थे। देश को एक नये किस्म के दंगे में धकेल कर मोदी सरकार को अस्थिर करना चाहा था।
चीनी राजदूत से गुपचुप मुलाकात
2017 मंे भारत और चीन के बीच भूटान की सीमा पर डोकलाम में एक सैन्य शक्ति की जोर आजमाइस का सवाल आ गया था जिस पर बाद में चीनी सेना को वापिस ढकेलने में भारत को जीत मिली थी। वही समय है जब राहुल की प्रतिक्रिया हमारी जीत के अनुकूल नहीं थी। वे रात को चीनी राजदूत से मिले थे। सुबह बात फैलने पर उन्होंने मना कर दिया था और कह कि बे नहीं मिले। चीन का बुलेटिन मीडिया में प्रसारित हुआ। तब उन्होनंे माना कि वे मिले थे यानि इतनी बड़ी बात क्यों छुपायी गयी, क्यों रहस्यमय ढंग से मिले। मिले तो मिले पर उसके छुपाने का रहस्य तो आज भी पता नहीं लगा। संसद मे हमला करनें वाले अफजल गुरू को बचाने का असंभव प्रयास करनें वाली कांग्रेस के नेता और खुद राहुल का जे एन यू विश्वविद्यालय में “भारत तेरे टुकड़े होंगे” ‘गैंग’ से मिलने जाना, उनके धरने पर बातचीत करना, नागरिकता कानून का विरोध करना जो कि गांधी जी द्वारा दिये गये आश्वासन और विचारों पर तथा इन्दिरा गांधी द्वारा ब्रिटेन मे पत्रकार को दिये गये साक्षात्कार में बोली गयी बातो पर आधारित था ये सभी कार्य राष्ट्रविरोधी थे। राहुल की कांग्रेस गांधी और इन्दिरा के विचारों का हनन कर रही है।

डॉ. विजय खैरा
(आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं। उनसे संपादक व प्रकाशक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है। किसी भी विवाद की स्थिति में हमारा न्याय क्षेत्र दिल्ली होगा।)
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