WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली: उत्तराखंड की सुरंग में 16 दिन यानी कि 12 नवंबर से फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है। एकाएक सुरंग के अंदर हुए भूस्खलन के कारण सुरंग के अंदर 41 मजदूर फंस गए थे। बता दें कि मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। सुरंग से मजदूरों को निकालने के लिए लगाए गए अमेरिकी ऑगर मशीन फेल होने के बाद अब मैनुअली ड्रिलिंग का काम किया जा रहा है। सिलक्यारा सुरंग से एक राहत देने की वाली खबर सामने आई है। अंदर फंसे मजदूरों और रेस्क्यू टीम के बीच अब सिर्फ 5 मीटर की दूरी बची है। कहा जा रहा है कि अगर कोई बड़ी बाधा ने रास्ता नहीं रोका तो सभी मजदूर जल्द ही सुरंग से बाहर आ जाएंगे।

हालिया जानकारी के मुताबिक रैट माइनर्स मलबे की खुदाई में जी जान से जुटे हुए हैं। मैनुअल ड्रिलिंग के लिए 3 टीमें बनाई गई हैं। 12, 7 और 5 सदस्यों की ये टीमें अपने काम में जुटी हुई हैं। उधर वर्टिकल ड्रिलिंग का काम भी तेज़ी से चल रहा है। सुरंग में मैनुअल ड्रिलिंग का काम सोमवार से शुरू किया गया। शुरुआती ड्रिलिंग का काम अमेकरिकी ऑगर मशीन से किया जा रहा था लेकिन शुक्रवार को वह मलबे में फंस गई थी, जिससे अधिकारियों को वैकल्पिक तरीकों की तलाश करना पड़ा। ड्रिलिंग का काम करीब 40% पूरा हो चुका है।
किसी भी संकरी जगह पर हाथों से खुदाई करने को रैट माइनिंग कहा जाता है। क्योंकि कम जगह में इंसान धीरे-धारे खुदाई करते हैं, इसलिए इसे रैट माइनिंग कहते हैं। इस तरह की जगह पर मशीनें और अन्य भारी उपकरण ले जाना संभव नहीं होता। इसमें खासा दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है। इसका इस्तेमाल कोयला और अन्य खदानों में किया जाता है। रैट माइनिंग में अधिक समय भी लगता है। मैनुअली खुदाई करने के लिए पहले दो लोग पाइपलाइन में जाते हैं। एक आगे का रास्ता बनाता है और दूसरा मलबे को ट्रॉली में भरता है। चार लोग मलबे की ट्रॉली को बाहर खींचते हैं। पहली टीम जब थक जाती है तो दूसरी टीम काम को आगे बढ़ाती है।

पीएम मोदी ने 12 नवंबर से सुरंग में फंसे मजदूरों के लिए देश की जनता से मजदूरों की सुरक्षा की प्रार्थना करने की अपील की है। पीएम मोदी ने तेलंगाना में कहा," आज जब हम देवी-देवताओं से प्रार्थना कर रहे हैं, मानवता के कल्याण की बात कर रहे हैं, तो हमें अपनी प्रार्थना में उन श्रमिक भाईयों को भी स्थान देना है, जो बीते करीब दो सप्ताह से उत्तराखंड की एक टनल में फंसे हुए हैं।"
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