WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली: शुक्रवार, 23 फरवरी को पश्चिम बंगाल के संदेशखालि में भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने जाने से रोक दिया। जिसके बाद पार्टी ने कहा है कि बंगाल सरकार और पुलिस के द्वारा संदेशखालि में महिलाओं पर हुए अत्याचार और उनके दुख की सच्चाई को छुपाया जा रहा है। बता दें कि पुलिस द्वारा संदेशखालि में पीड़ितो से मिलने जा रही पार्टी की राज्य इकाई की महासचिव लॉकेट चटर्जी और अग्निमित्रा पॉल के नेतृत्व वाली भाजपा की टीम को पुलिस ने निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए रोक दिया। जिसके बाद उन्हें रोके जाने को लेकर स्थिति गंभीर हो गई। पार्टी बंगाल सरकार पर निशाने साध रही है।
#WATCH | West Bengal | BJP MP and State General Secretary Locket Chatterjee and Police officer enter into a verbal altercation.
— ANI (@ANI) February 23, 2024
BJP women's delegation was stopped by state Police as they headed towards Sandeshkhali. pic.twitter.com/WL4rDU5Ude
पार्टी की राज्य इकाई की महासचिव अग्निमित्रा पॉल का दावा-
पुलिस द्वारा रोके जाने पर अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया कि, “हमें निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए पुलिस ने संदेशखालि में प्रवेश करने से मना कर दिया है। राज्य सरकार सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है।”
संदेशखालि का मामला-
एनएचआरसी ने क्षेत्र में जारी हिंसा और कथित मानवाधिकार उल्लंघन के संबंध में बुधवार को राज्य सरकार और पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया था। उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि में बड़ी संख्या में महिलाओं ने तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। 5 जनवरी को राशन घोटाले के सिलसिले में शाहजहां के परिसर पर छापा मारने गए प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर कथित तौर पर भीड़ ने हमला कर दिया था, जिसके बाद से वह फरार हैं।
Leave Your Comment