नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने की छह तारीख यानी कि 6 मार्च को पश्चिम बंगाल के संदेशखाली जाएंगे। बता दें कि पीएम मोदी अपने बंगाल दौरे के दौरान संदेशखाली हिंसा के पीड़ितों से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार इस दौरान पीएम मोदी संदेशखाली हिंसा के दौरान यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पीड़िताओं से भी मिल सकते हैं। पीएम मोदी संदेशखाली का दौरा करने के बाद अगले ही दिन बीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे।
सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी का आगामी बंगाल दौरा लोकसभा चुनाव के तहत पार्टी की तैयारियां को मूर्त रूप देने के लिए भी है। और बंगाल में बीजेपी की पकड़ मजबूत करना है।
क्या है संदेशखाली का मामला-
5 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक टीम राशन घोटाले के सिलसिले में TMC नेता शाहजहां शेख से पूछताछ करने के लिए संदेशखाली पहुंची थी। आरोप है कि शाहजहां शेख के समर्थकों ने ED की टीम पर हमला कर दिया। शाहजहां शेख तभी से फरार है।
इस घटना के कुछ दिनों बाद संदेशखाली की रहने वाली कई महिलाएं शाहजहां शेख और शेख के समर्थकों के खिलाफ प्रदर्शन पर उतरीं। महिलाओं ने शाहजहां शेख और शेख के समर्थकों पर उनकी जमीनें हड़पने का आरोप लगाया। इसके अलावा महिलाओं ने यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। महिलाओं ने कहा कि TMC नेता और उसके सहयोगी सालों से उनका यौन उत्पीड़न कर रहे हैं।
इन आरोपों के साथ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। 8 फरवरी को तनाव तब और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों ने शेख के एक आदमी के मालिकाना हक वाली तीन पोल्ट्री फार्मों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि वो पोल्ट्री फार्म गांव वालों से जबरन छीनी गई जमीन पर बने थे।
BJP पश्चिम बंगाल की ममता सरकार पर हमलावर हो गई। ममता सरकार के विरोध में प्रदर्शन करने लगी। इस बीच 12 फरवरी को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी आनंद बोस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से मुलाकात की। उन्हें इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से बताया गया कि इस मामले की जांच के लिए DIG रैंक की महिला IPS अधिकारी की अध्यक्षता में 10 सदस्यों की टीम बनाई है। ये टीम संदेशखाली का दौरा करेगी और उन महिलाओं से बात करेगी, जिन्होंने आरोप लगाया है कि उनका यौन उत्पीड़न किया गया।
इसके अलावा पुलिस प्रशासन की ओर विपक्षी नेताओं को संदेशखाली जाने से रोका जाने लगा। इलाके में धारा 144 लगा दी गई थी। BJP और कांग्रेस ने इसे लेकर ममता सरकार पर निशाना साधा। BJP ने राज्य सरकार पर क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में शामिल होने का आरोप लगाया।
संदेशखाली की महिलाओं ने वहां के टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके समर्थकों पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने का आरोप लगाया। महिलाएं विरोध में प्रदर्शन करने और धरने देने लगीं। आक्रोशित महिलाओं ने शाहजहां के करीबी विश्वासपात्र और टीएमसी नेता शिबू हाजरा के खेत और पॉल्ट्री फॉर्म में आग भी लगा दी।आरोप है कि पॉल्ट्री फॉर्म गांव के लोगों की जमीन छीनकर उसपर अवैध तरीके से बनाया गया। ये कई तरह के अवैध कार्यों का सेंटर था।
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