नई दिल्ली: गुरुवार, 11 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया जिसमें यह दर्शाया गया है कि कृषि केवल जीविका का साधन नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूलभूत आधार भी है। पीएम मोदी का यह पोस्ट भारत में कृषि की प्रगति और विकास को परिभाषित करने वाला है साथ ही यह देशवासियों के जीवन का मूलआधार है। पीएम मोदी का यह पोस्ट किसान समृद्धि के 12 साल पूरे होने पर आया है।
बता दें कि पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है।
पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में जिस श्लोक को साझा किया वो इस प्रकार है-
ते कृषिं च सस्यं च मनुष्या उप जीवन्ति।
कृष्टराधिरुपजीवनीयो भवति य एवं वेद॥
उन्होंने आगे पोस्ट में लिखा #12YearsOfKisanSamriddhi" साथ ही कहा कि खेती और फसल ही मानव जीवन के आधार हैं। जो इस सत्य को समझता है, वही कृषि कार्य को सही ढंग से करता है और उसी के माध्यम से समाज का भरण-पोषण होता है।
कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है।
— Narendra Modi (@narendramodi) June 11, 2026
ते कृषिं च सस्यं च मनुष्या उप जीवन्ति।कृष्टराधिरुपजीवनीयो भवति य एवं वेद॥#12YearsOfKisanSamriddhi pic.twitter.com/AMDduTXLAy
Leave Your Comment