logo

लोकसभा में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने की चर्चा, जानिए पीेएम मोदी के भाषण की 8 बातें

PM Modi discusses the 150th anniversary of Vande Mataram in the Lok Sabha; know 08 things from PM Modi's speech

नई दिल्ली: सोमवार, 8 दिसंबर को पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर बहस की शुरुआत की। वंदे मातरम् को लेकर पीएम मोदी ने कांग्रेस पार्टी और जवाहर लाल नेहरू को एक बार फिर कटघरे में खड़ा किया। वंदे मातरम् को लेकर जानिए सदन में पीएम मोदी की 8 बड़ी बातें... 


  1. पीएम मोदी ने वंदे मातरम् की रचना के 150 साल पूरा होने पर लोकसभा में विशेष चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा, 'वंदे मातरम् का स्मरण करना हम सबके लिए सौभाग्य की बात है, हम ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बन रहे हैं।' 
  2. लोकसभा में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, वंदे मातरम् केवल राजनीतिक स्वतंत्रता का मंत्र नहीं है, यह भारत माता को उपनिवेशवाद के अवशेषों से मुक्त करने के लिए एक पवित्र युद्धघोष था।'
  3. संसद में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने वंदे मातरम् के टुकड़े किए। ये उसका तुष्टीकरण की राजनीति को साधने का ये तरीका था। तुष्टीकरण की राजनीति के दबाव में कांग्रेस वंदे मातरम् के बंटवारे के लिए झुकी। इसलिए कांग्रेस को एक दिन भारत के बंटवारे के लिए भी झुकना पड़ा था।'
  4. पीएम मोदी ने कहा, 'मोहम्मद अली जिन्ना ने लखनऊ से 15 अक्टूबर 1936 को वंदे मातरम् के खिलाफ नारा बुलंद किया था। इसको लेकर कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू को अपना सिंहासन डोलता दिखा था। बजाय इसके कि नेहरू मुस्लिम लीग के आधारहीन बयानों को करारा जबाब देते, उसकी निंदा करते, लेकिन उल्टा हुआ। उन्होंने वंदे मातरम् की ही जांच पड़ताल करना शुरू कर दिया।'
  5. कांग्रेस नेताओं की ओर देखते हुए पीएम मोदी ने सदन में कहा, 'जब वंदे मातरम् के 100 साल हुए थे, तब देश आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। भारत के संविधान का गला घोंट दिया गया था।'
  6. पीएम मोदी ने कहा, 'आपातकाल हमारे इतिहास का एक काला अध्याय था। अब हमारे पास वंदे मातरम् की महानता को पुनर्स्थापित करने का अवसर है। मेरा मानना ​​है कि इस अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।'
  7. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली सदी में व्यापक भावनात्मक जुड़ाव के बावजूद वंदे मातरम् के साथ अन्याय हुआ। उन्होंने कहा कि इसका इतिहास युवा पीढ़ी के साथ साझा किया जाना चाहिए।
  8. मुस्लिम लीग के विरोध और एम.ए. जिन्ना के रुख का जिक्र करते हुए पीएम मोदी कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने सुभाष चंद्र बोस के सामने इस संदर्भ में चिंता व्यक्त की थी। आनंदमठ ने इस गीत का दृढ़तापूर्वक समर्थन करने के बजाय यह तर्क दिया था कि इससे मुस्लिम भावनाएं आहत हो सकती हैं।

Leave Your Comment

 

 

Top