नई दिल्ली - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों लाओस की राजधानी वियेनतिआने में भारत-आसियान शिखर सम्मेलन में हैं। गुरुवार को आसियान और भारत के संबंधों में मजबूती लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक 10 सूत्रीय प्लान पेश किया है। पीएम ने कहा है कि भारत और आसियान के रिश्तों में मजबूती लाने के लिए इन्हें आपस में संवाद और सहयोग बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कहा कि गुट के सभी देशों को एक दूसरे की 'राष्ट्रीय एकता और संप्रभुता' का सम्मान करना चाहिए। 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि, 21वीं सदी भारत और आसियान देशों की सदी है.
लाओस में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-आसियान व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए 10 सूत्री योजना तैयार की. अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आसियान एकता, आसियान केन्द्रीयता और हिंद-प्रशांत पर आसियान दृष्टिकोण के लिए भारत के समर्थन को दोहराया. 21वीं सदी को एशियाई सदी बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत-आसियान संबंध एशिया के भविष्य को दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं.
10 सूत्री योजना
पीएम मोदी ने नालंदा विश्वविद्यालय में आसियान युवाओं को प्रदान की गई छात्रवृत्ति के माध्यम से भारत-आसियान ज्ञान साझेदारी में हुई प्रगति के बारे में भी बात की. चेयर की थीम "कनेक्टिविटी और लचीलापन बढ़ाना" को ध्यान में रखते हुए, पीएम ने 10 सूत्री योजना की घोषणा की, इनमें साल 2025 को आसियान-भारत पर्यटन वर्ष के रूप में मनाना, जिसके लिए भारत संयुक्त गतिविधियों के लिए 5 मिलियन अमरीकी डालर उपलब्ध कराएगा. युवा शिखर सम्मेलन, स्टार्ट-अप महोत्सव, हैकाथॉन, संगीत समारोह, आसियान-भारत थिंक टैंक नेटवर्क और दिल्ली वार्ता सहित कई लोगों केंद्रित गतिविधियों के माध्यम से एक्ट ईस्ट नीति के एक दशक का जश्न मनाना; आसियान-भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास निधि के तहत आसियान-भारत महिला वैज्ञानिक सम्मेलन आयोजित करना शामिल है.
साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति की संख्या दोगुनी करना और भारत में कृषि विश्वविद्यालयों में आसियान छात्रों के लिए नई छात्रवृत्ति का प्रावधान करना, 2025 तक आसियान-भारत माल व्यापार समझौते की समीक्षा, आपदा लचीलापन बढ़ाना, जिसके लिए भारत 5 मिलियन अमरीकी डालर उपलब्ध कराएगा साइबर लचीलापन, ग्रीन हाइड्रोजन पर कार्यशाला; और आसियान नेताओं को जलवायु लचीलापन बनाने की दिशा में 'मां के लिए एक पेड़ लगाओ' अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी करने तथा उनके गर्मजोशी भरे आतिथ्य के लिए लाओस के प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया. प्रधानमंत्री ने पिछले तीन सालों में देश समन्वयक के रूप में सिंगापुर की रचनात्मक भूमिका के लिए भी धन्यवाद दिया तथा भारत के लिए नए देश समन्वयक, फिलीपींस के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई.
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