नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 150वें स्थापना दिवस के अवसर पर 'मिशन मौसम' की शुरुआत की। यह मिशन भारत को मौसम और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल और स्मार्ट राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर भारत मंडपम, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में शिरकत की और आईएमडी द्वारा जारी किए गए एक स्मारक सिक्के का विमोचन किया। साथ ही, मौसम संबंधी अनुकूलता और जलवायु परिवर्तन शमन के लिए आईएमडी विजन-2047 दस्तावेज भी जारी किया, जिसमें मौसम पूर्वानुमान, मौसम प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया गया है।
आईएमडी को लेकर क्या बोले पीएम?
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, "आज हम भारतीय मौसम विभाग के 150 वर्ष के इस ऐतिहासिक अवसर पर एक नई दिशा की शुरुआत कर रहे हैं। यह केवल आईएमडी की यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत में आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी की यात्रा का प्रतीक भी है।" उन्होंने कहा कि आईएमडी ने न केवल करोड़ों भारतीयों की सेवा की है, बल्कि भारत की वैज्ञानिक यात्रा में भी अहम भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में आईएमडी की अवसंरचना और प्रौद्योगिकी का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिससे भारत मौसम विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी बन सका है।'
Addressing the 150th Foundation Day celebrations of India Meteorological Department. https://t.co/suEquYtds9
— Narendra Modi (@narendramodi) January 14, 2025
मिशन मौसम' का क्या है उद्देश्य?
प्रधानमंत्री ने 'मिशन मौसम' के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह मिशन भारत के जलवायु संबंधी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी और समाधान प्रदान करेगा। इसका उद्देश्य अत्याधुनिक मौसम निगरानी तकनीक और सिस्टम विकसित करना है, जिससे उच्च-रिजॉल्यूशन वायुमंडलीय अवलोकन, अगली पीढ़ी के रडार और उपग्रहों के माध्यम से मौसम संबंधी प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह मिशन वायु गुणवत्ता डेटा के संग्रहण पर भी जोर देगा, जो भविष्य में मौसम प्रबंधन और हस्तक्षेप की रणनीतियों को तैयार करने में सहायक होगा।
आईएमडी के 150वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में, पिछले 150 वर्षों के दौरान आईएमडी की उपलब्धियों, भारत को जलवायु-अनुकूल बनाने में इसकी भूमिका और विभिन्न मौसम और जलवायु सेवाएं प्रदान करने में सरकारी संस्थानों द्वारा निभाई गई भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए कार्यक्रमों, गतिविधियों और कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित की गई है। (भाषा इनपुट के साथ)
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