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ओडिशा राज्यसभा चुनाव: चार सीटों के लिये पांच उम्मीदवारों का नामांकन

Odisha Rajya Sabha elections: Five candidates file nominations for four seats

भुवनेश्वर: 5 मार्च: ओडिशा से राज्यसभा की चार सीटों के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में कुल पांच उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है।  आज नामांकन पत्र दाखिल करने का अंतिम दिन था।  भाजपा राज्य इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा सांसद सुजीत कुमार ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की उपस्थिति में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। मनमोहन सामल बाईस साल बाद पुनः राज्यसभा जाएंगे। इससे पहले वे 2000 से 2004 तक राज्यसभा सांसद थे।  भाजपा के इन दो अधिकृत उम्मीदवारों के साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय ने भी भाजपा के समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है। दिलीप राय के मैदान मे उतरने से 16 मार्च को चुनाव होना निश्चित हो गया है। 

इससे पहले बीजू जनता दल (बीजद) को ओर से वरिष्ठ नेता संतृप्त मिश्रा और प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट तथा एससीबी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. दत्तेश्वर होता ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।  पार्टी ने डॉ. होता को उनके सामाजिक और परोपकारी कार्यों को देखते हुए “सर्वमान्य उम्मीदवार” के रूप में पेश किया है। कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ने उन्हें समर्थन देने की घोषणा की है। 

आज नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के समय के समय रोचक दृश्य देखने को मिला। हमेशा अन्य दलों से समान दूरी बनाए रखने कि घोषणा करने वाले  नवीन पटनायक   प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास के साथ बैठे दिखाई दिए। कांग्रेस के कुशासन के विरुद्ध गठित बीजू जनता दल का कांग्रेस से हाथ मिलाने ने राज्य में नये समीकरण बनने के संकेत दे दिए हैं। हालांकि नवीन पटनायक ने भविष्य के लिये किसी भी प्रकार की प्रतिबद्धता से इंकार किया है। 

147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा के गणित के अनुसार सत्तारूढ़ भाजपा के पास तीन निर्दलीय विधायकों सहित लगभग 82 विधायक हैं, जिससे वह कम से कम दो सीटें आसानी से जीत सकती है। वहीं 48 विधायकों के साथ विपक्षी बीजद के खाते में एक सीट जाने की संभावना है।

चौथी सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है। भाजपा जहां अपनी संख्या बढ़ाकर तीन सीटें जीतना चाहती है, वहीं बीजद और कांग्रेस ने भाजपा को क्लीन स्वीप से रोकने के लिए डॉ. होता का समर्थन किया है। इसलिए यह चुनाव ओडिशा की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में दलों की रणनीति और संख्या बल की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

2 अप्रैल को राज्य की चार सीटें भाजपा के ममता मोहंता और सुजीत कुमार, तथा बीजद के निरंजन बिशी और मुन्ना खान का कार्यकाल समाप्त होने से खाली हो रहे हैं।  इन सीटों को लेकर राज्य की राजनीति में खासा उत्साह और दिलचस्पी देखी जा रही है।

नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी और 9 मार्च तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। यदि चुनाव की आवश्यकता पड़ी तो 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। पूरी चुनाव प्रक्रिया 20 मार्च तक पूरी होने की संभावना है।
 

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