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परिसीमन के बाद ओडिशा में विधायक संख्या बढ़ने की संभावना

Odisha MLA numbers likely to increase after delimitation

भुवनेश्वर, 13 जनवरी:  ओड़िशा विधानसभा में विधायकों की वर्तमान संख्या 147 में भविष्य में परिसीमन के बाद वृद्धि होने की संभावना है। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 12 जनवरी को आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में इस बात के संकेत दिए। 

उन्होंने न केवल इस बात के संकेत दिये बल्कि भविष्य में बढ़ी संख्या को ध्यान में रखते हुए अभी ही एक नए, विशाल औरआधुनिक तकनीक से सज्जित विधानसभा भवन निर्माण की नींव भी रख दी। नया विधानसभा भवन 300 विधायकों की क्षमता वाला होगा।

सोमवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा कार्यक्रम के दौरान एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माणाधीन नया विधानसभा भवन लगभग 300 सदस्यों के बैठने की क्षमता के अनुरूप  डिजाइन किया जा रहा है, जो वर्तमान 147 विधायकों की संख्या से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था भविष्य में परिसीमन या जनसंख्या वृद्धि के कारण विधानसभा के विस्तार को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने एक अल्ट्रा-मॉडर्न प्रशासनिक परिसर की भी आधारशिला रखी, जिसमें नया लोक सेवा भवन और नया विधानसभा भवन शामिल होगा। सेंट्रल विस्टा शैली के बुनियादी ढांचे पर आधारित यह महत्वाकांक्षी परियोजना लगभग ₹3,623 करोड़ की लागत से विकसित की जाएगी।  

प्रस्तावित परिसर लगभग 71 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा, जिसके लिए मास्टर प्लान को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। नया लोक सेवा भवन अत्याधुनिक कार्यालय सुविधाओं, आधुनिक प्रशासनिक ढांचे और भूमिगत पार्किंग से सुसज्जित होगा।

नए विधानसभा भवन के निर्माण की आवश्यकता को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,“आज हमारे पास 147 विधायक हैं, जो परिसीमन के बाद बढ़ सकते हैं। मुझे ठीक-ठीक संख्या का अनुमान नहीं है, लेकिन परिसीमन के बाद विधायकों की संख्या 200 तक हो सकती है।"

दीर्घकालिक योजना पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अगले 50 से 100 वर्षों की शासन संबंधी जरूरतों का आकलन किया जा रहा हो, तो पहले से पर्याप्त बुनियादी ढांचा तैयार करना आवश्यक है। इसलिए हमें अगले 50–100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नया विधानसभा भवन बनाना होगा।”

सूत्रों के अनुसार यह परिसीमन 2027 की जनगणना के बाद किए जाने की संभावना है।  वर्तमान में राज्य में 147 विधानसभा सदस्य और 21 लोकसभा सीटें हैं, जो 1971 की जनगणना के आधार पर तय की गई थीं। उस समय राज्य की जनसंख्या 2.20 करोड़ थी। 1973 में हुए परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या 140 से बढ़कर 147 हो गई थी, जबकि लोकसभा सीटें 20 से बढ़कर 21 हो गई थीं।

जनगणना निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 1971 के बाद से ओडिशा की जनसंख्या दोगुनी होकर अब 4.5 करोड़ से अधिक आंकी जा रही है। ऐसे में विधानसभा सीटों की संख्या बढ़कर लगभग 197 और लोकसभा सीटों की संख्या 28 तक हो सकती है।

आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, देश में परिसीमन का काम 1952, 1963, 1973 और 2007–08 में किए गए थे। अधिकारी ने बताया कि 2007–08 के परिसीमन के बाद ओडिशा में विधानसभा और लोकसभा सीटों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई थी, हालांकि कई विधानसभा क्षेत्रों की भौगोलिक सीमाओं में बदलाव किया गया था।
गौरतलब है कि 2021 में होने वाली पिछली जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण टल गई थी। राज्य में जनगणना प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने की संभावना है।
 

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