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मारा गया कुख्यात मओवादी कमांडर मादवी हिडमा, जानिए पूरी खबर

Notorious Maoist commander Madvi Hidma killed, know the full story

नई दिल्ली: इस वक्त की बड़ी खबर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से सामने आ रही है। जहां सुबह-सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई और इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने 1 करोड़ के इनामी कुख्यात माओवादी कमांडर मादवी हिडमा(43) के साथ अन्य 6 नक्सलियों को मार गिराया गया है। 43 वर्षीय हिडमा 2013 के दरभा घाटी नरसंहार और 2017 के सुकमा घात सहित कम से कम 26 सशस्त्र हमलों का जिम्मेदार था। बता दें कि 43 वर्षीय हिडमा लंबे समय से सुरक्षाबलों के लिए सिरदर्द बना हुआ था और कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड था। इस मुठभेड़ में हिडमा के साथ उसकी दूसरी पत्नी राजे उर्फ़ राजक्का के भी मारे जाने की खबर है।

जानकारी के मुताबिक सुबह 6 से 7 बजे के बीच पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। आंध्र प्रदेश की सीमा से लगे जंगलों में माओवादियों की बढ़ती गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद माओवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि इस मुठभेड़ में हिडमा और हेमा के साथ ही उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रहे चार अन्य माओवादी भी मारे गए।

कौन है 1 करोड़ का इनामी माओवादी मदवी हिडमा- 

  1. हिडमा का जन्म वर्ष 1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पुवर्ती इलाके में हुआ था।
  2. मादवी हिडमा कम से कम 26 सशस्त्र हमलों के लिए जिम्मेदार था, जिसने छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर हिंसा और हत्याओं को अंजाम दिया।
  3. वह पीएलजीए (PLGA) बटालियन नंबर 1 का प्रमुख था, जिसे माओवादियों की सबसे घातक और खूंखार हमला इकाई माना जाता था।
  4. हिडमा सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे कम उम्र का सदस्य रहा था।
  5. वह भाकपा (माओवादी) केंद्रीय समिति में शामिल बस्तर क्षेत्र का एकमात्र आदिवासी कमांडर था।
  6. भारत सरकार ने इस कुख्यात नक्सली पर 50 लाख रुपये का बड़ा इनाम घोषित कर रखा था।
  7. हिडमा 2013 के कुख्यात झीरम घाटी नरसंहार (दरभा घाटी) का मास्टरमाइंड था, जिसमें 27 लोग (शीर्ष कांग्रेस नेताओं सहित) मारे गए थे।
  8. वह 2010 के उस घातक दंतेवाड़ा हमले के पीछे भी था, जिसमें 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे।
  9. 2017 में हुए सुकमा घात हमले की साजिश भी उसने ही रची थी।
  10. वह 2021 के उस बड़े सुकमा-बीजापुर घात हमले में भी शामिल था, जिसमें 22 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे। हिडमा की मौत सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता है और इससे बस्तर क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद है।

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