logo

भीषण गर्मी में पेट्रोल की बचत करते हुए घोड़े की सवारी कर जनगणना कार्य कर रहे हैं गढ़वा के शिक्षक मुन्ना प्रसाद 

Munna Prasad, a teacher from Garhwa, is carrying out census work by riding a horse to save petrol in the scorching heat.

अनिल मिश्र/रांची- जहां विश्व के मध्य -पूर्व यानी अमेरिका -इजरायल और ईरान में युद्ध चल रहा है। जिसके कारण पूरे देश में ऊर्जा खासकर तेल और गैस संकट से लोगों को दो- चार होना पड़ रहा है। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पेट्रोल और डीजल बचाने के संदेश को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। वहीं झारखंड प्रदेश के गढ़वा जिले के टाटीदिरी एक अनोखी तस्वीर सामने आई है।यहां धुरकी प्रखंड क्षेत्र स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय सह हाई स्कूल टाटीदिरी के सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता इन दिनों अपने अनोखे अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। वो घोड़े पर सवार होकर गांव-गांव पहुंचकर जनगणना कार्य कर रहे हैं।काम के प्रति लगन और देश के प्रति समर्पण हो तो कठिन परिस्थितियों को भी अवसर में बदला जा सकता है।

गढ़वा के सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता इसी सोच को साकार कर रहे हैं।उनका कहना है कि प्राचीन काल में भी लोग हाथी -घोडे़ आदि का प्रयोग सवारी और दूरी तय करने में किया करते थे।वही इस विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक पारसनाथ यादव ने कहा कि मुन्ना प्रसाद गुप्ता अपने कार्य के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं और अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

इस संबंध में उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों को आसान बनाकर कार्य करना सभी के लिए सीख है। विद्यालय उनके कार्यों से काफी खुश है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है। जबकि टाटीदिरी पंचायत के मुखिया शकुनी राम ने कहा कि मुन्ना प्रसाद गुप्ता पूरे पंचायत क्षेत्र के लिए प्रेरणा हैं।पंचायत के अन्य सरकारी कर्मियों से भी अपील की है कि संसाधनों की कमी के कारण जनता का काम बाधित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुन्ना प्रसाद के कार्यों से सीख लेकर लोग कठिन परिस्थितियों में भी मिसाल कायम कर सकते हैं।

वहीं मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री द्वारा पेट्रोल और डीजल की कम खपत कर ईंधन बचाने की अपील से प्रेरित होकर उन्होंने जनगणना कार्य के लिए अपने घोड़े चेतक को सवारी बनाया।इससे जहां ईंधन की बचत हो रही है, वहीं गांवों में जनगणना कार्य करने में भी आसानी हो रही है।इस बीच मुन्ना कुमार ने बताया कि जैसे ही वे घोड़े पर सवार होकर गांव में पहुंचते हैं, ग्रामीण खुद-ब-खुद घरों से बाहर निकल आते हैं, जिससे लोगों को बुलाने की जरूरत नहीं पड़ती और कार्य तेजी से पूरा हो जाता है। जबकि गढ़वा के जिला शिक्षा पदाधिकारी कैशर राजा ने कहा कि मुन्ना प्रसाद गुप्ता अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ पूरा कर रहे हैं।

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि विकट परिस्थितियों में भी कुशलतापूर्वक कार्य करना अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक है। उनकी मेहनत और लगन को सलाम करने की जरूरत है।भारत सरकार के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जनगणना कार्य की जिम्मेदारी निभा रहे शिक्षक मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने प्रधानमंत्री की ईंधन बचत अपील को अपनाते हुए घोड़े का सहारा लिया है।

Leave Your Comment

 

 

Top