वर्षों पुराने राजनीतिक करियर और मजबूत तजुर्बे के साथ भारतीय राजनीति में वर्ष 2014 के 26 मई को एक ऐसा नाम भारत के साथ जुड़ा जिसने भारत की तकदीर और तस्वीर दोनों ही बदल दिया। वह नाम है नरेन्द्र दामोदरदास मोदी। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद देश को अपनी कर्मभूमि मानते हुए पीएम मोदी ने कई बड़े कार्य किये। साथ ही देश के विलुप्त होते शौर्य को एक बार फिर से विश्व पटल पर स्थापित कर दिया। सत्ता में आने और प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी ने देश की तरक्की के लिए विगत दस सालों में लगभग 135 से अधिक कल्याणकारी योजनाएं लाई। जो की सही मायने में सफल रही। पीएम मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले देश में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं ढीली थी, जिसमें कानून व्यवस्था, बुनियादी ढांचे,सड़क,रेल, महिलाओं से जुड़ी समस्याएं, आवास संबंधी समस्याएं प्रमुख थीं। लेकिन पीएम मोदी औऱ उनकी सरकार ने इसी को अपना आधार बनाया और देश हित में सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के मंत्र के साथ आगे बढ़ना शुरु कर दिया। पीएम मोदी ने जनता से किये गए वादों को मोदी की गारंटी का नाम दिया और कार्य को पूर्ण करने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया, जो सीधे तौर पर पीएम मोदी के मजबूत, प्रभावी और सफल नेतृत्व का उदाहरण है। मोदी की गारंटी को पूरा करने को लेकर पीएम मोदी ने वैसे तो कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, लेकिन इन योजनाओं में कुछ ऐसी योजनाएं थी जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। जिसने यह सुनिश्चित किया कि पीएम दी द्वारा देश को विकसित बनाने का संकल्प नाममात्र नहीं अपितु एक सच्चाई है। पीएम मोदी द्वारा लाई गई योजनाएं और गारंटी दोनों ही जमीन से जुड़ी हुई हैं जो राष्ट्र विकास के लिए प्राण तत्व है। पीएम मोदी द्वारा लाई गई सभी योजनाओं में से कुछ विशेष राष्ट्र हितकारी योजनाएं जिसने सभी को मजबूर किया अपनी ओर आकर्षित होने के लिए वो इस प्रकार हैं-
पीएम जन-धन योजना

पी एम मोदी द्वारा इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री बनने के बाद कुछ ही महिने के अंदर यानी कि 15 अगस्त 2014 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर किया गया। राष्ट्र को समर्पित यह योजना गरीबों की एक दुष्चक्र से मुक्ति का उत्सव था। पीएम मोदी के इस योजना से काफी अधिक मात्रा में लोग लाभान्वित हुए। प्रधानमंत्री जन-धन योजना (पीएमजेडीवाई) राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन है जो वहनीय तरीके से वित्तीय सेवाओं नामतः बैंकिंग/बचत तथा जमा खाते, विप्रेषण, ऋण, बीमा, पेंशन तक पहुंच सुनिश्चित करता है। इस योजना के तहत जमा राशि पर ब्याज मिलता है। एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर है। प्रधान मंत्री जन धन योजना के अंतर्गत 30,000 का जीवन बीमा लाभार्थी को उसकी मृत्यु पर सामान्य शर्तों की प्रतिपूर्ति पर देय होती है। भारत भर में धन का आसानी से अंतरण हो सकता है। सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को इन खातों से लाभ अंतरण प्राप्त है। छ: माह तक इन खातों के संतोषजनक परिचालन के पश्चात ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाएगी। पेंशन, बीमा उत्पादों तक पहुंच आसान होती है।
पीएम स्वच्छ भारत अभियान

सत्ता में आने के बाद पीएम मोदी ने गांधी जयंती के अवसर पर यानी कि 2 अक्टूबर 2014 को भारत में स्वच्छता को प्रथम रखने तथा भारत को स्वच्छ बनाने के ध्येय से स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। जिसने भारत में स्वच्छता को लेकर जोश भर दिया। स्वच्छता को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन सरकार के द्वारा समय-समय पर किया जाने लगा। 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत मुहिम के तहत स्वच्छता दिवस के रूप में भी जाना जाने लगा। इस अभियान के अंतर्गत 2 अक्टूबर 2019 तक “स्वच्छ भारत” की परिकल्पना को साकार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। पीएम मोदी द्वारा “न गंदगी करेंगे, न करने देंगे” का मंत्र भी इस मुहिम को लेकर दिया गया। स्वच्छ भारत अभियान के संदेश ने लोगों के अंदर उत्तरदायित्व की एक अनुभूति जगा दी है। अब जबकि नागरिक पूरे देश में स्वच्छता के कामों में सक्रिय रूप से सम्मिलित हो रहे हैं, महात्मा गांधी द्वारा देखा गया ‘स्वच्छ भारत’ का सपना अब साकार होने लगा है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

पी एम नरेंद्र मोदी ने 1 मई, 2016 को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का शुभारंभ किया था। यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को पारंपरिक ईंधन के इस्तेमाल के कारण होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों से छुटकारा दिलाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन मुहैया कराने के संदर्भ में थी। योजना के सफल होने और सुचारु रुप से चलने के बाद जब पूरी दुनिया कोविड की चपेट में थी, तो सरकार ने हर PMUY परिवारों को 3 मुफ्त सिलेंडर देने की घोषणा की। भारत जैसे लोकतांत्रिक समाज में व्यवहारिक परिवर्तन लाने में बहुत समय और लगातार प्रयासों की जरूरत होती है। PMUY ने लाखों गरीब परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन मुहैया करवाकर स्वस्थ एवं प्रदूषण मुक्त जीवन की दिशा में उनके पहले कदम में सफलतापूर्वक सहायता की है।
पीएम-किसान योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र विकास के लिए एक बार फिर से वर्ष 2019 में एक बेहद लाभकारी योजना की शुरुआत की जिसका नाम था पीएम-किसान योजना। पीएम मोदी द्वारा लाई गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर के सभी भूमि धारक किसान परिवारों को खेती योग्य भूमि के साथ निर्धारित किये गए मानदंडों के अनुसार और योग्यता के हिसाब से सहायता प्रदान करना है। पीएम किसान योजना के तहत सालाना 6,000 रुपये की रकम 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जारी की जाती है। इस योजना से अब तक देश के कुल 11 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को लाभ मिल चुका है। जिसमें मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम दी जा चुकी है। विशेष रूप से कोविड लॉकडाउन के दौरान इन जरूरतमंद किसानों की मदद के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये कई किस्तों में बांटे गए। इस योजना ने तीन करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों को भी लाभान्वित किया है। इस पहल की रकम ने ग्रामीण आर्थिक विकास को गति दी है, किसानों के लिए कर्ज की कमी को घटाया है और कृषि निवेश को बढ़ावा दिया है।
आयुष्मान भारत योजना

वर्ष 2018 में आयुष्मान भारत योजना (PMJAY) का शुभारम्भ किया गया था। यह योजना गरीबों के इलाज में एक बड़ी भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत देश भर के अलग-अलग वर्ग और उम्र के लोग को लाभ प्रदान किये जाने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी कि पीएम आयुष्मान भारत योजना सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना बनी हुई है। इसमें हर परिवार को सालाना दिए जा रहे 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य कवर के जरिये गरीब और वंचित भारतीयों को अस्पताल में किफायती इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश में 10.74 करोड़ से ज्यादा गरीबों, सबसे कमजोर परिवारों को बीमारियों के समय वित्तीय जोखिम से सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही यह भारत में सभी के लिए हेल्थ कवरेज हासिल करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष प्रकार के प्रावधान हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना

पीएम मोदी द्वारा देश को समर्पित की गई कई योजनाओं में से एक योजना है पीएम आवास योजना। 20 नवंबर, 2016 को शुरू की गई इस योजना के तहत खुद का आवास बनाने के लिए मैदानी क्षेत्र में रहने वाले परिवार वालों को 1 लाख 20 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता और वही पहाड़ी इलाकों व दुर्गम इलाकों में 1 लाख 30 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के सभी गरीबों को पक्का मकान देना है। पीएम मोदी द्वारा लाई गई यह योजना कमजोर वर्ग के लोगों के लिए काफी मददगार साबित हुई है।
अटल पेंशन योजना

राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए पीएम मोदी द्वारा लाई गई कई योजनाओं में से एक योजना अटल पेंशन योजना है। जो कि भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही पेंशन स्कीम हैं। इस योजना में 18 साल से लेकर 40 साल तक की उम्र तक निवेश करना होता है। इस योजना के जरिए 60 की उम्र के बाद मुख्य रूप से योजना के पंजीकृत लोगों को हर महीने अधिकतम 5000 रुपए तक की पेंशन प्राप्त की जा सकती है। पेंशन की राशि आपके द्वारा किये गए निवेश पर साफ तौर पर निर्भर करती है। इस योजना का फायदा देश के नॉन टैक्सपेयर लोगों को ही प्राप्त होता है।
मेक इन इंडिया योजना

25 सितंबर वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के विकास को ध्यान में रखते हुए मेक इन इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की थी। जिसने आज भारत को विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में काफी मदद किया है। इस योजना का उद्देश्य देश में विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। मेक इन इंडिया एक तरह का स्वदेशी अभियान है, जिसमें अर्थव्यवस्था के तमाम क्षेत्रों को शामिल किया गया है। जिसका सफलता ग्राफ पीएम मोदी द्वारा लाए गए सभी योजनाओं में सबसे अच्छा है।
मामि गंगे योजना

नमामि गंगे योजना पीएम मोदी द्वारा एक एकीकृत संरक्षण मिशन है, जिसे केंद्र सरकार द्वारा जून 2014 में 20,000 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ राष्ट्रीय नदी गंगा के प्रदूषण, संरक्षण और कायाकल्प के प्रभावी उन्मूलन के दोहरे उद्देश्यों को पूरा करने के लिए 'फ्लैगशिप प्रोग्राम' के रूप में अनुमोदित किया गया था। इस योजना के तहत सीवरेज उपचार क्षमता का निर्माण, रिवर-फ्रंट डेवलपमेंट बनाना, नदी की सतह की सफाई, जैव-विविधता संरक्षण, जन जागरूकता, इंडस्ट्रियल एफ्लुएंट मॉनिटरिंग, गंगा ग्राम का निर्माण आता है। जिसके लिए सरकार द्वारा समय-समय पर बजट आवंटित किया गया।
डिजिटल इंडिया अभियान

यह अभियान मोदी सरकार द्वारा भारत में आर्थिक विकास के साथ ही भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में परिणत करना है। भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक रूप से नागरिकों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन बुनियादी ढांचा और इंटरनेट कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम शुरू किया। यह सार्वभौमिक डिजिटल साक्षरता और डिजिटल संसाधनों और सेवाओं की भारतीय भाषाओं में उपलब्धता पर भी बल देता है। 1 जुलाई 2015 को शुरू किया गया यह कार्यक्रम पीएम मोदी के सभी विशेष योजनाओं में शीर्ष पर है। यह एक बहुत ही सफल कार्यक्रम साबित हुआ है। यह कार्यक्रम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने , सेवाओं तक डिजिटल पहुंच बढ़ाने और भारत के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र को समर्थन देने से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है।
इन दस वर्षों में पीएम के नेतृत्व और उनकी सेवा ने देश के विकास में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही जनता को किये गए वादों पर पूर्ण रूप से अमल किया है। पीएम मोदी के व्यक्तित्व और उनके द्वारा जन कल्याणकारी कार्यों और योजनाओं से न केवल देश, अपितु दुनियाभर के लोग प्रभावित हुए हैं। इन सभी योजनाओं को लाना और उसे मुकम्मल करना यह नमो इम्पैक्ट का बेहतरीन उदाहरण है। राष्ट्र प्रथम और समाज सबसे पहले का नारा देश की आवाज बन गया है। और पीएम मोदी द्वारा लाई गई ये सारी योजनाएं इसे जाहिर तौर पर बुलंद कर रही हैं, जो आने वाले समय में और भी मजबूत होंगी।
सात्विक उपाध्याय
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