राहुल गांधी 2019 के मानहानि मामले में अपनी दो साल की सजा के खिलाफ अपील करने के लिए सोमवार 3 अप्रैल को गुजरात की एक अदालत में पेश होंगे। इस दौरान हाल ही में 2019 के मोदी सरनेम मामले में कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को वो चुनौती देंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। प्रधानमंत्री के अपमान के रूप में दी गई एक टिप्पणी के लिए मानहानि के मामले में उन्हें दोषी ठहराने वाले मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द करने के लिए राहुल गांधी सूरत की सत्र अदालत से आग्रह करने की याचिका दायर कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दोषसिद्धि पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग करेंगे, जिससे उनकी लोकसभा सदस्यता बहाल हो जाएगी।

बता दें कि अदालत में पेशी से पहले राहुल गारंधी अपनी मां सोनिया गांधी से भी मुलाकात की थी। इस बीच उनके साथ कोर्ट में उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा और तीन कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों- अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और सुखविंदर सिंह सुक्खू मौजूद रहेंगे। मोदी के 'सरनेम' पर विवादित टिप्पणी करने पर राहुल गांधी को दोषी करार दिया गया था। जिसके बाद उन्होंने अपने मुख्यालय पर प्रेस वार्ता करके कहा था कि वो किसी चीज से नहीं डरते। अगर उन्हें जेल में भी बंद कर दिया जाए तब भी वो मोदी सरकार के खिलाफ लड़ते रहेंगे। राहुल गांधी को कोर्ट से सजा मिलने के तुरंत बाद जमानत दे दी गई थी और उन्हें निर्णय के खिलाफ अपील करने के लिए 30 दिनों तक उनकी सजा को निलंबित कर दिया गया था। केरल में राहुल गांधी की वायनाड सीट उनके पद से हटाए जाने के बाद अब खाली हो गई है। चुनाव आयोग अब इस सीट के लिए विशेष चुनाव की घोषणा कर सकता है। राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता जाने के बाद कांग्रेस को एक फायदा ये होता नजर आ रहा है कि विपक्ष एकजुट दिख रहा है।
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