पूरे देश में चर्चा हो रही है एक पाकिस्तानी महिला, सीमा हैदर की। वह दावा करती है कि वह शादीशुदा और चार बच्चों की माँ होते हुए भी, सोशल मीडिया के जरिए, एक भारतीय युवक, सचिन मीणा के प्यार में विवश हुई और शादी रचा के बहू बन गई भारत की। सीमा के मुताबिक, उसके इस अनूठे प्रेम का रास्ता पाकिस्तान से दुबई और नेपाल के रास्ते भारत पहुंचा। भारत के सुरक्षा तंत्र के लिए, सीमा ना तो उगलते बन रही है ना तो निगलते। मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। शायद इसी उद्देश्य को लेकर पाकिस्तान ने सीमा को भेजा हो।
इसी दौरान, राजस्थान की रहने वाली एक महिला, दो बच्चों की माँ, वाघा बॉर्डर को पार करके जाती है पाकिस्तान, जहाँ इंतजार कर रहा था 29 वर्षीय प्रेमी, खैबरपख्तूनख्वा का रहने वाला 29 वर्षीय नसरुल्लाह। यह प्रेम भी सोशल मीडिया पर ही हुआ था। अंजू ने फिर किया नसरुल्लाह से निकाह और इस तरह से कबूल किया इस्लाम। अंजू से फातिमा बदल गया उसका नाम। फिर स्टार ग्रुप ऑफ कंपनी, मोहसिन खान, की तरफ से हुई उपहारों की बौछार। फातिमा बनते ही उसे घर मिला, जमीन मिला और ढेर सारा पैसा। एक नासमज के लिए भी यह संजोग विचित्र लग रहा है।

हमारे उपमहाद्वीप में अभी तक ऑनलाइन केवल जिहादी पैदा किए जा रहे थे और सीरिया, अफगानिस्तान और कश्मीर भेजें जा रहे थे। लेकिन अब तो इसके द्वारा एक नए तरह का लव जिहाद देखने को मिल रहा है। यह ऑनलाइन जिहाद तो इतना सशक्त है कि मोहब्बत की ऐसी ललक पैदा करती है, जिसे सरहद नहीं रोक पाती, जो अपने पति को, पत्नी और परिवार को छोड़ने पर मजबूर कर देता है और मजहब ही नहीं नाम भी बदलवा देता है। इन फ़िल्मी घटनाओं के पीछे पाकिस्तान द्वारा संचालित, भारत के अंदर राजनीति को प्रभावित करने की मंशा तो नहीं है? यह 26/11 का दूसरा रुप तो नहीं? क्या यह भारत में 2024 चुनाव के पहले "द केरला स्टोरी"और "कश्मीर फाइल्स" में दिखाई गई जिहादी मानसिकता को नकारने की रणनीति तो नहीं हैं? क्या यह गैर-मुसलमानों में लव जिहाद के बैठते प्रतिरोध को कम करने की तरतीब तो नहीं है? इसे भारत पाकिस्तान नजरिए से ना देखकर, उपमहाद्वीप में मुसलमान और गैर-मुस्लिम नजरिए से देखने की आवश्यकता है। भारत के अंदर जो पाकिस्तान है, उस चश्मे से देखने की आवश्यकता है। संभव है, सीमा हैदर के द्वारा नागरिकता कानून (CAA) पर प्रहार करने की साजिश है। यह जताने की कोशिश लगती है कि एक मुस्लिम महिला, एक हिंदू मीणा लड़के से प्यार में अपना मजहब बदल लिया, फिर भी भारत की वर्तमान सरकार ने उसे पनाह नहीं दिया। वहीं एक हिंदू लड़की, जब पाकिस्तान मुस्लिम से शादी करने के लिए, सब कुछ लुटा दिया, अपना मजहब बदल लिया, तो इस्लामिक पाकिस्तान ने उपहार, पैसा और प्यार, दोनों बरसाया। लव जिहाद का इतना बड़ा इश्तेहार नहीं हो सकता है।
भारत के अंदर, इस्लाम और सनातन के बीच एक प्रकार की सांस्कृतिक जंग चल रही है। इस जंग में, भारत के ही नहीं, परंतु पूरे उपमहाद्वीप के मुसलमान शामिल हैं। उनको लग रहा है कि वर्तमान सरकार हिंदूवादी है, जिसका असर व्यापक और गहरा हो रहा है और वो मुसलमानों के सांस्कृतिक वजूद को चुनौती दे रहा है। आर्टिकल 370 हटने के बाद यह भावना और तीखी हो गई है। संस्कृतियों कि यह जंग बॉलीवुड में भी लड़ी जा रही है। इसी बेचैनी के कारण "पठान" फिल्म का निर्माण हुआ और इस फिल्म को जालसाजी से हिट करवाया गया। इस फिल्म को हिट करवाने में पाकिस्तान से संचालित 'दाऊद उद्योग' और ISI की बहुत बड़ी भूमिका रही। पाकिस्तान के लिए विचारों का यह जंग जीतना बहुत जरूरी है, वरना प्रॉक्सी वॉर खतरे में पड़ जाएगी। अगर इस जंग में सनातन विचारधारा और संस्कृति हावी हो जाती है तो इस्लामी पाकिस्तान का वजूद मिट जाएगा। सीमा और अंजू की कहानी इसी सांस्कृतिक युद्ध का एक प्रसंग है।
पिछले कुछ सालों में, विशेषकर करोना काल से, एक नई तरह की जिहाद पाकिस्तान के द्वारा संचालित हो रहा है, जिसमें कि पाकिस्तानी महिलाऐं सोशल मीडिया के माध्यम से, महत्वपूर्ण और संजीदा जगह पर तैनात पुरुषों को अपने मोहब्बत के जाल में फंसाकर, उनसे गुप्त जानकारी हासिल करती हैं। जासूसी या गुप्तचरी का यह पुराना तरीका है, जिसे "हनीट्रैप" कहते हैं। सबसे ताजा हनीट्रैप का वारदात कुछ दिन पहले खबरों की सुर्खियाँ पर था। कथित ज़ारा दासगुप्ता नाम की एक महिला DRDO में कार्यरत R&D वैज्ञानिक प्रदीप कुरुलकर को हनीट्रैप का शिकार बनाया। इस महिला ने अपने आप को ब्रिटेन स्थित सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताकर और अश्लील तरीके से सम्मोहित कर, कई गुप्त जानकारी हासिल की। यह सिलसिला सात महीने चला। इस दौरान उसने ब्रह्मोस मिसाइल, अग्नि-6, रुस्तम UAV, सरफेस-टू-एयर (धरती से आकाश) मिसाइल, क्वैडरोप्टेर, आकाश और अस्त्र मिसाइल पर वार्तालाप किया। यही नहीं, कुरुलकर ने ज़ारा को दो और DRDO वैज्ञानिकों के बारे में अवगत करवाया और उससे व्हाट्सएप ब्रॉडकास्ट हैप्पी मॉर्निंग ग्रुप पर डाला। महाराष्ट्र की एक अदालत में कुरुलकर के खिलाफ 1887 पेज का चार्ट शीट सौंपा है, जिसमें पूरे व्हाट्सएप चैट का विवरण शामिल है।
इसी फरवरी 2023 में DRDO के इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज चांदीपुर में कार्यरत, वरिष्ठ टेक्निकल ऑफिसर को, एक पाकिस्तानी महिला को भारतीय मिसाइल परीक्षण के बारे में गुप्त जानकारी देने के लिए गिरफ्तार किया गया। इस घटना के दो साल पहले, मार्च 2020 में, एक पाकिस्तानी महिला ने अपना नाम नताशा राव बताकर DRDO के एक वरिष्ठ कर्मचारी, मल्लिकार्जुन रेड्डी, को सोशल मीडिया के जरिए अपने मोहब्बत के जाल में फसाया। कोई डेढ साल तक यह प्यार का नाटक चलता रहा, जिसके दौरान वो गुप्त जानकारी हासिल करती रही। जून 2022 में, हैदराबाद पुलिस ने मल्लिकार्जुन को गिरफ्तार कर लिया।
पाकिस्तानी महिलाओं द्वारा हनीट्रैप, DRDO के अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में भी हुआ। अक्टूबर 2020 में महाराष्ट्र पुलिस ने HAL के एक असिस्टेंट सुपरवाइजर को गिरफ्तार किया। वह भी एक पाकिस्तानी महिला के आगोश में आकर, फाइटर जेट निर्माण की जानकारी सोशल मीडिया पर देता रहा। अक्टूबर 2018 में ब्रह्मोस एयरोस्पेस में कार्यरत, एक इंजीनियर को उत्तर-प्रदेश ATS ने संजीदा दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया। वो भी पाकिस्तानी महिला द्वारा हनीट्रैप हुआ था। ये पाकिस्तानी महिला नेहा शर्मा और पूजा रंजन के नाम अपना फेसबुक अकाउंट चलाती थी। भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और वायु सेना में कई हनीट्रैप के मामले हुए। फरवरी 2020 में तो भारतीय नौ सेना के 13 जवान गिरफ्तार हुए थे। सब के सब, पाकिस्तानी महिलाओं से हनीट्रैप होकर गोपनीय जानकारी दे रहे थे।
जुलाई 2022 में एक आर्मी जवान, शांतिमय राणा द्वारा हनीट्रैप हुआ। यह पाकिस्तानी महिला, कई हिंदू नामों से सोशल मीडिया पर सक्रिय थी। भारतीय वायु सेना में भी कई हनीट्रैप के मामलों में गिरफ्तारियाँ हुई हैं। मई 2022 में दिल्ली पुलिस ने एयरफोर्स सार्जेंट देवेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया था।
उदाहरण यह साबित करने के लिए दिए गए कि पाकिस्तान का भारत के खिलाफ गुप्तचर अभियान में, महिलाओं द्वारा हनीट्रैप का कितना व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। इन उदाहरणों में यह देखने को मिलता है कि पाकिस्तानी महिलाऐं, हिंदू नाम पर ही हनीट्रैप का धंधा चलाती हैं। यह भी देखा जा रहा है कि जो हमारे गोपनीय सरकारी संस्थान हैं, उनके कुछ अधिकारियों को ब्रिटेन में निवास करने वाली पाकिस्तानी महिलाऐं हनीट्रैप कर रही हैं। यूँ तो हनीट्रैप के शिकार, भारत के शीर्ष नेता, ब्रिटिश के द्वारा ट्रांसफर ऑफ पावर के समय भी हुए थे और इसके बाद भी कई जिम्मेदार भारतीय होते रहे हैं, परंतु इस व्यापक पैमाने पर शुरुआत पाकिस्तान ने करोना काल में शुरु किया। यह पाकिस्तानी महिलाओं के द्वारा भारतीय मर्दो के खिलाफ ISI संचालित, लव जिहाद है। इसका उद्देश्य गुप्त जानकारी हासिल करना और भारत की राजनीति को अपने हक में नियंत्रित करना है। इसे अगर पाकिस्तानी महिलाओं द्वारा लव जिहाद कहा जाए तो गलत नहीं होगा।

आरएसएन सिंह
(आलेख में व्यक्त विचार लेखकों के हैं। उनसे संपादक व प्रकाशक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है। किसी भी विवाद की स्थिति में हमारा न्याय क्षेत्र दिल्ली होगा।)
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