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झारखंड मुक्ति मोर्चा ने BJP  के ‘मिला क्या’ कैंपेन के बदले शुरू किया ‘कब दोगे’ अभियान,  दूर्गा पूजा के अवसर पर झारखंड के सभी बड़े शहरों में लगाये गये पोस्टर

JMM started 'Kab Doge' campaign in place of BJP's 'Mila Kya' campaign, posters put up in all major cities of Jharkhand on the occasion of Durga Puja.

अनिल मिश्र/रांची 

विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में पिछले दस वर्षों से केन्द्र सरकार में सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी द्वारा झारखंड में चुनाव के पहले   "मिला क्या" के कैंपेन के जवाब में झारखंड की मुख्य रूप से राजनीति करने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी अपना अभियान पोस्टर के माध्यम से चलाया है। आदिवासी के मुख्य रुप से पार्टी कहे जाने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसके लिए "कब दोगे "अभियान चलाया है।
झारखंड की राजधानी रांची से लेकर प्रदेश के सभी प्रमुख बड़े शहरों में यह पोस्टर लगाया गया है।इसमें लिखा गया है कि झारखंड सरकार के बकाया पैसा भारतीय जनता पार्टी यानी केन्द्र सरकार की सत्ता में बैठी मोदी सरकार 1.36 करोड़ रुपये कब दोगे।पोस्टर में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की तस्वीर लगी है।निवेदक में झारखंड मुक्ति मोर्चा लिखा गया है।

राजधानी  रांची के सभी प्रमुख चौक-चौराहों में ये होर्डिंग्स लगाये गये हैं।इसके साथ ही  प्रदेश के सभी बड़े शहरों जमशेदपुर, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग, देवघर, दुमका , पलामू, लातेहार सरायकेला, खरसावां,, सिमडेगा, लोहरदगा, गुमला,चतरा, चाईबासा, कोडरमा आदि शहरों में भी ये होर्डिंग्स लगाये गये हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा का मानना है कि दुर्गा पूजा के दौरान लोगों की भारी भीड़ जुटेगी। लोगों के बीच पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि 1.36 लाख करोड़ रुपये झारखंड का हक है।जिसे केंद्र सरकार ने नहीं दिया है।इस कारण राज्य में विकास के कई काम रुके हुए हैं।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को  कई बार पत्र लिखकर झारखंड की बकाया राशि की मांग किया था। लेकिन आज तक यह राशि भुगतान नहीं किया गया।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने  कुछ दिन पहले भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा था।जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए अपने खनिज का बकाया 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये की मांग की थी। जिसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया था। इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहा था कि हम हम विशेष राज्य का दर्जा या फंड नहीं मांग रहे हैं। बल्कि हम अपना हिस्सा मांग रहे हैं। मालूम हो कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार अपनी सभाओं में इस मुद्दे को जरूर उठाते रहे हैं।वो अपने रैलियों में लगातार कहते हैं कि अगर केंद्र सरकार हम हमारा बकाया दें तो बहुत सारा काम हो जाएगा।साथ ही हम महिलाओं को दी जाने वाली राशि दोगुना से भी अधिक कर देंगे। झारखंड में चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। इसलिए जहां भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर असम के मुख्यमंत्री और झारखंड प्रदेश के प्रभारी हेमंत विश्व सरमा सहित कई दिग्गज झारखंड मुक्ति मोर्चा से सत्ता छिनने को लेकर लगातार प्रचार कर रहे हैं। वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी सत्ता बचाने और पुनः चुनाव जीतकर झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के परचम लहराने के लिए झारखंड के विकास और अस्मिता को लेकर लगातार केन्द्र सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं।

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