नई दिल्ली-तमिलनाडु के सुलूर में भारतीय सेना की तरंग शक्ति अभ्यास चल रही है जिसका पहला चरण 6 अगस्त से शुरू हो चुका है और 14 अगस्त तक चलेगा। वहीं पहले चरण के अभ्यास में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन अपने एसेट्स के साथ हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, तमिलनाडु के सुलूर से 200 किमी की दूरी पर स्थित कोच्चि में भारतीय नौसेना के बेस पर रूसी नौसेना के दो युद्धपोत भी पहुंचे हैं। भारतीय क्षेत्र में एक दूसरे से 200 किलोमीटर के भीतर दो अलग-अलग सैन्य गतिविधियां हो रही हैं।इसमें करीब 30 देश हिस्सा लेंगे और 30 में से दस देश अपने लड़ाकू विमानों के साथ अभ्यास में शामिल हुए हैं। भारत की तरफ से इस युद्धाभ्यास में उन्होंने कहा कि इस अभ्यास में भारत के लड़ाकू विमान तेजस, राफेल, मिराज 2000, जगुआर, मिग 29 विमानों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सबसे बड़ा युद्ध अभ्यास भारत ने अभ्यास में भाग लेने के लिए 50 से अधिक देशों को आमंत्रित किया है। अभ्यास के दौरन उड़ान जामिनी शिक्षण, रक्षा,सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में भी आयोजित किए जाएंगे।
तरंग शक्ति का दूसरा चरण 29 अगस्त से
वहीं तरंग शक्ति का दूसरा चरण 29 अगस्त से 14 सितंबर तक जोधपुर में आयोजित होगा। दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, यूएई, सिंगापुर और बांग्लादेश को हिस्सा लेना है। अभ्यास के प्रत्येक चरण में 70-80 विमान भाग लेंगे, जिनमें 27 लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, चार सी-130 विमान, बीच हवा में ईंधन भरने वाले विमान और हवाई चेतावनी एवं नियंत्रण प्रणाली (AWACS) विमान शामिल होंगे। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज 2000, जगुआर और मिग-29 शामिल हैं। जबकि दूसरे देशों के लड़ाकू विमानों में एफ-18, एफ-16, राफेल और यूरोफाइटर टाइफून शामिल हैं। वहीं इस अभ्यास में शामिल होने के लिए रूस और इसराइल को भी न्योता भेजा गया था, लेकिन अपनी डोमेस्टिक परेशानियों के चलते वे इसमें शामिल नहीं हुए।
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