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उत्तराखंड में भारी बारिश का कहर, भूस्खलन के कारण रुद्रप्रयाग-बद्रीनाथ मार्ग हुआ बाधित

Heavy rain wreaks havoc in Uttarakhand, Rudraprayag-Badrinath road blocked due to landslide

नई दिल्ली: बीते कुछ दिनों से उत्तर भारत के कई राज्यों में मॉनसून के आने के साथ जोरदार बारिश देखने को मिल रही है। इस कड़ी में  बीते दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारी बारिश देखने को मिली है। तो वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश ने कहर ढाया हुआ है। उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण एक बड़े भूस्खलन ने रुद्रप्रयाग-बद्रीनाथ मार्ग को अवरुद्ध कर दिया है। इस कारण कई यात्री वहां फंसे हुए हैं। ऋषिकेश जा रहे एक यात्री दिलप्रीत ने बताया कि वह चार घंटे से ज्यादा समय तक सड़क पर फंसे रहे। उन्होंने मीडिया को बताया, "हम ऋषिकेश जा रहे थे, उसी दौरान भूस्खलन हुआ। मलबे और पत्थरों ने रास्ता रोक दिया है। क्रेनें रास्ता साफ करने का काम कर रही हैं।" बता दें कि अधिकारियों ने मलबा हटाने और सामान्य यातायात बहाल करने के लिए भारी मशीनरी तैनात की है। सड़क को फिर से खोलने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।

तीर्थयात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह

गौरतलब है कि 8 जुलाई को चमोली जिले के नंदप्रयाग घाट के मुख गांव के पास बादल फटने की सूचना मिली थी। राज्य आपदा रेस्क्यू बल (एसडीआरएफ) के अनुसार, अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए एसडीआरएफ की एक टीम मौके पर भेजी गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले चार दिनों तक उत्तराखंड में भारी बारिश का अनुमान जताया है। निवासियों और तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं इससे पहले गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर दूर छोड़ी गधेरे के पास भूस्खलन से पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने के बाद रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम यात्रा कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई थी। सुरक्षा उपाय लागू करने और मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद तीर्थयात्रियों की आवाजाही रोक दी गई थी।

उत्तराखंड में भूस्खलन जारी

इससे पहले 22 जून को उत्तराखंड में यमुनोत्री मंदिर के पैदल रास्ते पर भूस्खलन हुआ था। इस दौरान दो श्रद्धालु लापता हो गए थे, जिसके बाद प्रशासन द्वारा अभियान चलाया गया था। बता दें कि नौ कैंची भैरव मंदिर के पास सोमवार शाम पहाड़ी से हुए भूस्खलन से प्रभावित पांच श्रद्धालुओं में से दो नई दिल्ली के कृष्णा विहार की रहने वाली भाविका शर्मा (11) और मुंबई के कमलेश जेठवा अब भी लापता हैं। दो मृतकों के क्षत विक्षत शव मलबे से उसी रात बरामद हो गए थे, जबकि मुंबई के रहने वाले एक अन्य श्रद्धालु 60 वर्षीय रसिक भाई को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया था। पहाड़ी से हुए भूस्खलन के मलबे और बोल्डरों की चपेट में आकर श्रद्धालु खाई में गिर गए थे। 

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