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गुजरात: विकसित होते भारत का विकास रथ

Gujarat: Development Chariot of Developing India

वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक सम्मेलन हमारे वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदर्शी वैचारिक प्रेरणा है। जिसकी नींव उन्होंने आज से 20 साल पहले 2003 में रखी थी।भारत वर्ष के अमृत काल में आयोजित ये जीवंत गुजरात सम्मेलन का 10वां संस्करण था। इस वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन का विषय गेटवे टू द फ्यूचर यानी कि  'भविष्य का प्रवेश द्वार' रखा गया था। इस सम्मेलन में 4 देशों के राष्ट्राध्यक्ष (संयुक्त अरब अमीरात, तिमोर लेस्टे, मोजाम्बिक, चेक गणराज्य) 34 भागीदार देश, लगभग 130 देश के प्रतिनिधि एवं 16 भागीदार संगठन शामिल हुए। इनकी उपस्थिति ने गुजरात के इस द्विवार्षिक सम्मेलन को एक वैश्विक पहचान दी है। ये सम्मेलन गुजरात के गांधीनगर में से 12 जनवरी के बीच सम्पन्न हुआ।  इस शिखर सम्मेलन का उपयोग उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच के रूप में भी किया जा रहा है। वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन ने नवाचार तथा निवेश के माध्यम से न केवल गुजरात बल्कि पूरे भारत वर्ष को लाभान्वित किया है। इस साल भी इस सम्मेलन ने कुछ महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित किये हैं जो इस प्रकार हैं-

इस वैश्विक सम्मेलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि वे अगले पांच सालों में वह लगभग 24 बिलियन डॉलर का निवेश करेंगे साथ ही 100 बिलियन डॉलर का निवेश देश को हरित ऊर्जा क्षेत्र में समग्र विकास के लिए करेंगे जिसे राज्य में 1 लाख नई नौकरियां संभावित होंगी। इसी प्रकार मुकेश अंबानी के कहे अनुसार रिलायंस इंडस्ट्री गुजरात के हजीरा में भारत का पहला और दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन फाइबर प्लांट बनाने की घोषणा की है। एक्रेलोनाइट्राइल फीडस्टॉक पर आधारित संयंत्रों की क्षमता 20,000 एमटीपीए होगी। कुल मिलाकर, ऑयल टू केमिकल सेगमेंट (O2C) में, अंबानी अंबानी ने मौजूदा और नई मूल्य श्रृंखलाओं में क्षमताओं का विस्तार करने के लिए अगले पांच वर्षों में 75,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की। ये मूल्य श्रृंखलाएं हैं – पॉलिएस्टर मूल्य श्रृंखला, विनाइल श्रृंखला और नई सामग्री। संयंत्र का पहला चरण 2025 में पूरा हो जाएगा। जो कि राज्य को नई ऊंचाइयों एवं नए-नए सुविधाएं प्रदान करेगा जिसकी मदद से चक्रीय अर्थव्यवस्था में राज्य ही नहीं बल्कि देश भी अग्रणी बनेगा। अंबानी ने गुजरात के लिए 5 वादे किये हैं। पहला, रिलायंस अगले 10 वर्षों में महत्वपूर्ण निवेश के साथ गुजरात की विकास गाथा में अग्रणी भूमिका निभाना जारी रखेगा, विशेष रूप से, रिलायंस गुजरात को हरित विकास में वैश्विक हस्ती बनाने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। "हम वर्ष 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से गुजरात की आधी से अधिक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लक्ष्य को हासिल करने में पूरी मदद करेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि जामनगर में 5000 एकड़ में धीरूभाई एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स स्थापित किया जा रहा है जो वर्ष 2024 की दूसरी छमाही में उत्पादन शुरू करने के लिए के लिए तैयार हो जाएगा। दूसरा- 5जी के सबसे तेज रोलआउट के कारण, आज गुजरात पूरी तरह से 5जी सक्षम हो गया है। इससे गुजरात डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म और एआई का उपयोग में अग्रणी बन जाएगा। तीसरे वादे में रिलायंस रिटेल गुणवत्ता युक्त उत्पाद तैयार करने और लाखों किसानों और छोटे व्यापारियों की मदद करने के लिए अपना विस्तार करेगा। चौथा वादे में उन्होंने कहा कि रिलायंस गुजरात को नई सामग्रियों और सर्कुलर अर्थव्यवस्था में अग्रणी बनाएगा। रिलायंस समूह हजीरा में विश्वस्तरीय कार्बन फाइबर सुविधा स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि 2036 ओलंपिक के लिए बोली लगाने के इरादे की प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुसार, रिलायंस और रिलायंस फाउंडेशन गुजरात में खेल, शिक्षा और कौशल बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई अन्य भागीदारों के साथ मिलकर काम करेगा।

भारत के प्रसिद्ध टाटा समूह ने इस सम्मेलन के दौरान कहा कि टाटा समूह ने धोलेरा में एक सेमीकंडक्टर फैब बनाने की योजना बनाई है जो संभवत: इसी साल से परिचित होगी।  उन्होंने ईवी वाहनों, बैटरी उत्पादन, सी 295 रक्षा विमान और सेमीकंडक्टर फैब, उन्नत विनिर्माण कौशल निर्माण के क्षेत्रों में गुजरात में समूह की विस्तार योजना के बारे में भी व्यापक रूप से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गुजरात टाटा समूह के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है और हम इसकी विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।" इसके अलावा मुख्य रूप से टाटा समूह राज्य की साणंद में 20 गीगावाट की लिथियम आयन स्टोरेज बैटरी की फैक्ट्री का भी निर्माण करेगा। इस दौरान सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी ने कहा कि उनकी कंपनी अपनी वार्षिक उत्पादन क्षमता को 40 लाख यूनिट से अधिक बढ़ाने का प्रयास कर रही है तथा इसके लिए ये राज्य में ही अपना दूसरा निर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए 35000 करोड़ का निवेश करेगी। साथ ही इथेनॉल, हरित हाइड्रोजन और गाय के गोबर से बायोगैस के उत्पादन के माध्यम से ग्रीन हाउस उत्सर्जन को कम करने में योगदान देने की संगठन की योजना का भी उल्लेख किया।

डच और सिंगापुर की कंपनियों ने भारत के आगामी वित्तीय वर्ष में 7 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने की घोषणा की है। साथ ही वैश्विक टेक फार्म एनवीडिया की साझेदार फार्म योट्टा ने मार्च 2024 में मोदी जी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गिफ्ट सिटी में एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता डेटा सेंटर संचालित करने की घोषणा की है। गिफ्ट सिटी अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच स्थित है, जो कि राजनीतिक रूप से त्रि-शहर अवधारणा के केन्द्रीय स्तम्भ के रूप में स्थित है। वास्तव में गिफ्ट सिटी का उद्देश्य, अग्रणी वित्तीय केंद्रों के बराबर व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र का विकास करना है। वहां आर्सेलर मित्तल कंपनी के निदेशक ने घोषणा की उनकी कंपनी गुजरात के हजीरा में 24 मिलियन टन प्रतिवर्ष की क्षमता वाली विनिर्माण कंपनी की स्थापना करेगी। ये दुनिया की सबसे बड़ी इस्पात निर्माण कंपनी होगी। जिसका संचालन 2029 शुरू हो जाएगा। ज़ेरोधा के संस्थापक और सीईओ निखिल कामत ने कहा कि पिछले दो दशकों में देश के समग्र विकास पर प्रकाश डाला और एक उद्यमी के रूप में अपनी यात्रा का उदाहरण दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 साल अविश्वसनीय रहे हैं। उन्होंने देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और छोटे उद्यमियों और ई-कॉमर्स के उदय की सराहना की, जबकि 10 साल पहले ऐसा नहीं था। उन्होंने स्टार्टअप्स को फलने-फूलने के लिए एक स्थिर इकोसिस्टम की सुविधा प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की।

वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में एक तरफ से भारत सहित विश्व के तमाम सभी छोटी-बड़ी कंपनियों के लिए एक अवसर प्रदान करता है जिसका मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम वर्ग की सहित कई ई-मोबिलिटी कंपनियां भी शामिल होती हैं। साथ ही इसके माध्यम से विश्व स्तरीय एवं अत्याधुनिक तकनीकी से निर्मित उत्पादों का भी अवलोकन किया जाता है।

पूर्व में आयोजित हुए वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलनों के परिणाम स्वरूप आज गुजरात ने अनेक निवेश को आकर्षित किया है। मंडल बेचारजी, दहेज, भरूच, बनासकांठा, वलसाड इत्यादि ने न केवल राज्य के बल्कि देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल हब, रसायन और पेट्रोकेमिकल, ड्रग पार्क, एग्रो पार्क और फूड पार्क के रूप में स्थापित हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी जी के इस विजन से भारत भविष्य में अवश्य ही अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अग्रणी देश बनकर उभरेगा। ई-वाहन से लेकर हरित विकास, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के उत्पादन, शून्य कार्बन उत्सर्जन, जैव अंतधन, डिजिटलीकृत सार्वजनिक धनचा, संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी, अंतरिक्ष क्षेत्र तक, सभी संभावित पहलुओं पर मानव केन्द्रित विकास के साथ-साथ समान और समावेशी विकास के परिणामस्वरूप ही विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। ये तभी संभव होगा जब भारत का अभिन्न अंग यानी कि सभी राज्य आगे आयेंगे।

अत: 21वीं सदी का भविष्य, आपकी साझेदारी से ही उज्ज्वल होगा। “वशुधैव कुटुंबकम के दर्शन से प्रेरित एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य के माध्यम से ही विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है। वर्तमान में भारत विश्व में 'विश्व मित्र' की भूमिका के रूप में चिन्हित हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जी की देश के सभी देशवासियों से यही अपील भी है कि वे देश को अग्रणी बनाने के राह में अपना सहयोग प्रदान करें जिससे  भारत को अन्य विकसित देशों की तरह विकसित किया जा सके।


 


स्मृति उपाध्याय
असिस्टेंट प्रोफेसर
डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय
(आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं। उनसे संपादक व प्रकाशक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है। किसी भी विवाद की स्थिति में हमारा न्याय क्षेत्र दिल्ली होगा।)

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