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'Wings Over Ganges' का भव्य आयोजन, काशी के आसमान में गरजेंगे भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान

Grand 'Wings Over Ganges' event: Indian Air Force fighter jets to roar across the skies of Kashi

लेखक- सात्विक उपाध्याय


नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना अपने 94वें स्थापना दिवस के अवसर पर वाराणसी में 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो आयोजित कर रही है। 22, 24 और 25 अक्टूबर को होने वाले इस प्रदर्शन में लड़ाकू विमानों की ताकत और वास्तविक युद्ध परिस्थितियों से प्रेरित रणनीतियों की झलक देखने को मिलेगी। जानकारी के मुताबिक, 25 अक्टूबर को नमो घाट पर होने वाले अंतिम कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत 5000 से अधिक वीवीआइपी इस आयोजन भी शामिल होंगे। इस प्रदर्शन के लिए देश के 12 एयरबेस से करीब 100 विमानों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और परिवहन विमान शामिल हैं। कार्यक्रम में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच तालमेल भी प्रदर्शित किया जाएगा।

एयर शो का उद्देश्य-

बता दें कि  इस एयर शो को देखने के लिए पूरे पूर्वांचल व आसपास से 25 लाख लोगों के आने की संभावना है। इससे पहले प्रयागराज में एयर शो के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली थी।  एयर शो काशी में करने के पीछे एक उद्देश्य यह भी है कि काशी, पूर्वांचल, बिहार तक के युवाओं को सेना के जवानों के हैरतअंगेज करतब के माध्यम से सेना और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करना साथ ही इस दौरान  भारतीय वायुसेना का साहस, शौर्य और पराक्रम देखने को मिलेगा। 

ढाई घंटे तक भारतीय लड़ाकू विमान दिखाएंगे करतब- 

भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य एयर शो दोपहर 12 बजे से ढाई बजे के करीब होगा। इस दौरान राफेल, तेजस, जगुआर, सूर्य किरण एरोबैटिक टीम के विमान, सारंग हेलीकॉप्टर की टीम और C295 ट्रांसपोर्ट विमान सहित 100 से अधिक लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर काशी के आसमान में करतब दिखाएंगे। पहली बार काशी का आसमान इन लड़ाकू विमान की गर्जना को महसूस करेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि एयर शो में शामिल राफेल, सूर्य किरण, तेजस, सारंग हेलीकॉप्टर सी-295 आदि लड़ाकू विमान अस्सी घाट से नमो घाट के बीच करतब दिखाएंगे। इसे 84 घाटों की सीढ़ियों और गंगा पार रेती में बैठकर देख सकेंगे। इतनी बड़ी संख्या में लोग एयर शो देखने आएंगे इसलिए पार्किंग, आवागमन, आपात स्थिति आदि को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कड़ी व्यवस्था की गई है।

  1. एयर शो में सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, एलसीए तेजस और मिग-29 जैसे छह अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमान एरोहेड फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।
  2. इसके अलावा, दो जगुआर विमानों और एक सुखोई-30 एमकेआई के बीच नकली हवाई मुकाबले का प्रदर्शन होगा।
  3. एक सुखोई विमान के वर्टिकल मैन्यूवर को दूसरा विमान इन्फ्रारेड इमेजिंग पॉड से रिकॉर्ड करेगा।
  4. कार्यक्रम का समापन सूर्य किरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के करतबों के साथ होगा।
  5. इस एयर शो के जरिए भारतीय वायु सेना अपनी परिचालन क्षमता, युद्ध की तैयारी और आधुनिक हवाई ताकत का प्रदर्शन करेगी।

विमान अलग-अलग जगहों से भरेंगे उड़ान- 

एयर शो में सौ से अधिक विमान और हेलीकॉप्टर भाग लेंगे इस कारण वह एक स्थान से उड़ान नहीं भर सकते हैं। इस कारण भाग लेने वाले विमान लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट बाबतपुर के साथ ही प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, गाजीपुर से उड़ान भरेंगे। वे निर्धारित समय पर सही तालमेल के साथ बारी-बारी से आएंगे। ढ़ाई घंटे के इस एयर शो के दौरान यह विमान विशेष फार्मेशन करेंगे। एक बार में तीन और अधिकतम सात विमान आएंगे। अलग-अलग स्थानों से उड़ान भरने के बावजूद विमानों की टाइमिंग और एक साथ करतब में एकरूपता होगी। शो के एक सप्ताह पूर्व से विमानों का आगमन शुरू हो जाएगा। दो-तीन दिनों अभ्यास भी चलेगा। काशी में इस एयर शो का आयोजन युवाओं के साथ भारत के रक्षा जगत को एक नया आयाम देगा जो दर्शनीय होगा। 

पर्यटन और कारोबार को मिलेगा बढ़ावा
भारतीय वायु सेना के इस भव्य एयर शो से वाराणसी के पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, नाव संचालकों, हस्तशिल्प व्यवसायियों, परिवहन सेवाओं और अन्य व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों के आगमन को देखते हुए पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन भी व्यापक तैयारियों में जुटा हुआ है।


 

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