भुवनेश्वर: 8 जनवरी: ओडिशा में प्राथमिक शिक्षा को सशक्त और आधुनिक बनाने की दिशा में पूर्व घोषित महत्वाकांक्षी "गोदावरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक विद्यालय’" योजना का 7 जनवरी को शुभारंभ किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार (7 जनवरी) को गोदाबरीश मिश्रा के जन्मस्थान खुर्दा जिले के बाणपुर में इस योजना‘का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में इस योजना के तहत 118 स्कूलों की आधारशिला रखी। यह महत्वाकांक्षी पहल महान ओड़िया शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी विचारक पंडित गोदाबरीश मिश्र के नाम पर रखी गई है।
इन विद्यालयों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 (एनईपी–2020) के अनुरूप समावेशी और तकनीक-सक्षम आदर्श स्कूलों के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए “आदर्श प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना करना है। इस विद्यालय का मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को विद्यार्थियों के मन में विकसित करना है। आधुनिक पाठ्यक्रम, शैक्षिक तकनीक, खेलकूद, साहित्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से सर्वांगीण विकास इसका प्रमुख लक्ष्य है।
प्रत्येक आदर्श विद्यालय में निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी—
स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल बोर्ड, भाषा प्रयोगशालाएं और कंप्यूटर सुविधाएं, बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय, सुरक्षित पेयजल और भोजन कक्ष, खेल के मैदान और हरित क्षेत्र, जिससे शारीरिक व सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को प्रोत्साहन मिले डिजिटल पुस्तकालय और गतिविधि क्षेत्र, ताकि रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके।
इस योजना के अंतर्गत राज्य की 6,794 ग्राम पंचायतों में एक-एक आदर्श प्राथमिक विद्यालय स्थापित किए जाएंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह योजना बुनियादी शिक्षा को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके तहत विद्यालयों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा, योग्य शिक्षकों की नियुक्ति होगी तथा आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा, “यह पहल ग्रामीण शिक्षा में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी और निजी विद्यालयों के समकक्ष सुविधाएं प्रदान करेगी। साथ ही यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप समग्र विकास पर केंद्रित होगी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना वर्ष 2036 तक ओडिशा को एक समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि आज के विद्यार्थी ही भविष्य के नागरिक और राष्ट्र-निर्माता हैं। उन्होंने इसे “विकसित ओडिशा, विकसित भारत” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।
इस योजना के लिए राज्य सरकार ने प्रारंभिक चरण में लगभग 12,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना के तहत पहले चरण में अगले चार वर्षों के दौरान राज्य की ग्राम पंचायतों में 2,200 मॉडल प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में इसके लिए 3,000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।
ये विद्यालय शिशु वाटिका (पूर्व-प्राथमिक) से लेकर कक्षा 8 तक संचालित होंगे, जिनमें 100 से अधिक विद्यार्थी होंगे और कम से कम दो एकड़ भूमि उपलब्ध होगी। प्रत्येक विद्यालय पर लगभग 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और ये विद्यालय राज्य के उच्च विद्यालयों के लिए फीडर स्कूल के रूप में कार्य करेंगे।
विद्यालय एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि यह योजना राज्य की ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में मौजूद खामियों को दूर करने में सहायक होगी। वहीं, कार्यक्रम में उपस्थित पुरी सांसद संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की पीएम-श्री योजना और मुख्यमंत्री की गोदाबरिश मिश्रा मॉडल प्राथमिक विद्यालय योजना आने वाले दिनों में राज्य की शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय परिवर्तन लाएंगी।
इस अवसर पर कार्य, विधि एवं आबकारी मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, खुर्दा विधायक प्रशांत जगदेव, जटनी विधायक बिभूति बलबंतराय, बेगुनिया विधायक प्रदीप साहू, एकाम्र-भुवनेश्वर विधायक बाबू सिंह तथा पूर्व विधायक डॉ. बिभूति भूषण हरिचंदन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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