भारतीय नृत्य जगत के प्रतिष्ठित ईयर बुक अटेंडेंस (Attendance)के गौरवशाली 25 वर्ष पूरे होने और सोच स्कूल ऑफ क्रिएटिव हैंड्स के सहयोग से 27 दिसंबर 2025 को 'अरुणोदय: अ कल्चरल सागा' भारतीय शास्त्रीय नृत्य और कला जगत के एक महत्वपूर्ण वार्षिक उत्सव के आठवें संस्करण का आयोजन किया गया। जहाँ विशेष रूप से दस महाविद्या की महिमा को कथक और अन्य शास्त्रीय नृत्यों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया था, जो कला और संस्कृति के विकास को दर्शाता है। इस दौरान ओडिसी कल्चर से जुड़े अन्य नृत्य कलाओं एवं नृत्य अभिनय की प्रस्तुति भी की गई।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह था कि प्रतिष्ठित ईयर बुक अटेंडेंस (Attendance) के 25 साल पूरे हो रहे थे और इसी उपलक्ष्य में भारतीय संस्कृति, विशेषकर शास्त्रीय नृत्यों को बढ़ावा देने के लिए अरुणोदय का आयोजन किया गया। इस उत्सव में कथक केंद्र, चाणक्यपुरी के स्वामी विवेकानंद सभागार में दस महाविद्या (देवी-देवताओं के दस रूप) की महिमा पर आधारित शास्त्रीय नृत्य, जगन्नाथ अष्टक यानी कि मंगलाचरण , ओड़िया भजन-आहे नीला सैला, ओडिसी डांस थायी, आजि म्या देखियली गीत जो कि नृत्य के माध्यम से एक अभिनय था, इसके अलावा अरबी पल्लवी ओडिसी नृत्य, प्रस्तुत किए गए।

क्या है अरुणोदय का अर्थ
अरुणोदय शब्द का अर्थ 'भोर' या 'सूर्योदय से पहले का समय' है, जो आध्यात्मिक विकास और नई शुरुआत का प्रतीक है, जिसे कला के माध्यम से दर्शाया गया है।

संक्षेप में, यह एक ऐसा सांस्कृतिक आयोजन है जो भारतीय कला, विशेषकर नृत्य की परंपरा और उसके विकास को प्रस्तुत करता है।
कार्यक्रम में विशेष

अरुणोदय कार्यक्रम में एम के सरोजा ट्रू गुरु शिष्य परंपरा पुरस्कार से पंडित हरीश गंगानी, राम गोपाल अवार्ड से श्री राहुल वार्षनेय तथा विशेष रूप से मंजू चैटर्जी जी और डॉ. भूपेंद्र सचदेवा जी को सम्मानित किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में उन सभी युवा नृत्यांगनाओं को भी सम्मानित किया जिन्होंने अपने नृत्य प्रस्तुति के जरिये सभी को इस कार्यक्रम की महिमा से परिचित कराया।
उदय इंडिया ब्यूरो
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