WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली: 13 जनवरी से 26 फरवरी तक उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ होने जा रहा है। जिसको लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन की तरफ से बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। ऐसे में रामलला के प्राणप्रतिष्ठा होने के 1 साल को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रयागराज में कुंभ स्नान करने आये श्रद्धालु रामलला का दर्शन करने अयोध्या भी जाएंगे। अयोध्या नगर निगम के अनुसार 13 जनवरी से 12 फरवरी के बीच करीब ढाई करोड़ श्रद्धालुओं के शहर में आने की संभावना है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘चूंकि महाकुंभ में 25 करोड़ लोगों के आने की संभावना है, इसलिए हमारा मानना है कि पौष पूर्णिमा (13 जनवरी 2025) से माघी पूर्णिमा (12 फरवरी) तक की अवधि में 2.5 से तीन करोड़ श्रद्धालु अयोध्या आएंगे।’
अयोध्या नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक नए साल के दिन अयोध्या में करीब तीन से पांच लाख श्रद्धालुओं के आने की भी उम्मीद है। अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने रविवार को बताया, ‘हमें उम्मीद है कि प्रयागराज में महाकुंभ में आने वाले करीब 10 फीसदी श्रद्धालु भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या आएंगे।’
शहर के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने कहा कि फिलहाल अयोध्या में रोजाना डेढ़ से दो लाख लोग आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए साल के दिन (1 जनवरी) तीन से पांच लाख लोग शहर आएंगे। महापौर ने कहा कि श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं।
क्षेत्र में ठंड के मौसम की स्थिति के मद्देनजर उठाए गए कदमों के बारे में पूछे जाने पर त्रिपाठी ने कहा कि पांच हजार लोगों के ठहरने की क्षमता वाली टेंट सिटी (अयोध्या में) स्थापित करने का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा गया है। उन्होंने कहा, ‘कई स्थानों पर रैन बसेरे बनाए गए हैं और अलाव की व्यवस्था की गई है। इसलिए, हमें उम्मीद है कि हम ठंड के मौसम की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे।’
Leave Your Comment