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‘दोल मेलन’ ओडिशा की एक विशिष्ट सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा - डॉ. संबित पात्रा

‘Dol Melan’ a unique cultural and spiritual tradition of Odisha – Dr. Sambit Patra

SOURCE- Dr. Sambit Patra (Member of Parliament from Puri Lok Sabha) 


नई दिल्ली: मंगलवार, 10 मार्च को पुरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत चिलिका झील के गोद में बसे मालूद गाँव में प्रसिद्ध ‘दोल मेलन’ यात्रा निकाली गई। इस दौरान पुरी से लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने एक फेसबुक पोस्ट कर इस दोल मेलन यात्रा को अद्वितीय और दिव्य उत्सव बताया।

उन्होंने कहा कि ‘दोल मेलन’ ओडिशा की एक विशिष्ट सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा है, जो होली के समय अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस पावन अवसर पर विभिन्न गाँवों और मंदिरों के देवी-देवताओं को विधि-विधान के साथ वर्ष में एक बार एक पवित्र स्थल पर एकत्रित किया जाता है। इस अवसर पर देवी-देवताओं को सुंदर झांकियों में सुसज्जित कर भक्तों के दर्शन के लिए लाया जाता है।

लोकमान्यता है कि इस दिन सभी देवी-देवता एक स्थान पर एकत्र होकर परस्पर मिलते हैं, संवाद करते हैं और अपने दिव्य स्नेह तथा मित्रता के बंधन को पुनः सुदृढ़ करते हैं। यह अद्भुत दृश्य श्रद्धा, भक्ति और लोक आस्था से परिपूर्ण होता है।

यह सुंदर परंपरा पुरी क्षेत्र की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को दर्शाती है और ग्रामीण पुरी के जीवंत सांस्कृतिक जीवन के साथ-साथ लोगों के बीच की गहरी एकता की भी सुंदर झलक प्रस्तुत करती है।

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