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डिजिटल वर्ल्ड एक छोटी सी लेकिन बहुत बड़ी दुनिया

Digital world is a small but very big world

अगर लोगों से यह पूछा जाए कि पिछले बीस वर्षों के दौरान भारतीय समाज में आने वाला सबसे बड़ा बदलाव क्या है ?... तो शायद अधिकतर लोगों का जवाब यही होगा-लोगों के बीच इंटरनेट की सहज उपलब्धता। लगभग पच्चीस साल पहले इंटरनेट ने ब्लॉगिंग के माध्यम से लोगों के हाथों में एक नई ताक़त दी, अब उनके पास सपनों का खुला आसमान था।

जी हां डिजिटल वर्ल्ड यानी एक छोटी सी लेकिन बहुत बड़ी दुनिया, जहां वह सब कुछ मौजूद है, जिसे आप पढ़ना, देखना - सुनना और समझना चाहते हैं। मेरा लिखा कहां छपेगा और लोग क्या कहेंगे... जैसे सवालों और रिजेक्शन के भय से मुक्त होकर लोग ब्लॉगिंग के माध्यम से अपने विचारों की साझेदारी करने लगे। इसके बाद सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म ने दुनिया के हर कोने में बैठे लोगों को एक-दूसरे के साथ जोड़ कर उनके लिए विचारों और सूचनाओं के आदान-प्रदान को और भी आसान बना दिया। वे अपने ब्लॉग के लिंक को फेसबुक के साथ कनेक्ट करके पहले की तुलना में ज़्यादा लोगों के बीच अपनी पहुंच बनाने में कामयाब हो साथ भाषा की दीवारें भी गिरने लगीं। आज गूगल पर हिंदी-उर्दू सहित कन्नड़, तमिल, तेलुगू, बांग्ला, मराठी, गुजराती और पंजाबी भाषाओं में हर कंटेट के अनुवाद का सॉफ्टवेयर और की-बोर्ड भी उपलब्ध है।

 

अभिव्यक्ति हुई आसान

दूसरों के विचारों, साहित्य और सूचनाओं को जानने के लिए लिखित कंटेंट पर्याप्त था लेकिन रोज़मर्रा के छोटे-छोटे कार्यों से जुड़ी बातों को केवल पढ़कर समझने में थोड़ी दिक्कत आने लगी। मसलन, कुकिंग, मेकअप, हेयर स्टाइल, गार्डनिंग, घरेलू कार्यों या तकनीक से जुड़ी जानकारियों को केवल पढ़कर ही समझ पाना अब मुश्किल नहीं रहा। कोई भी विषय डालें सैकड़ों वीडियोज आपको मिल जाएंगे।

विडियो ब्लॉगिंग के नए दौर का इतिहास

अमेरिका के तीन आईटी प्रोफेशनल्स चैड हर्ले, स्टीव चेन और जावेद क़रीम ने साथ मिलकर youtube.com नामक विडियो शेयरिंग की वेबसाइट शुरू की थी। 14 फरवरी 2005 को इसके को-फाउंडर जावेद क़रीम ने पहली बार 'वी मेट ऐट जू' टाइटल से एक छोटा सा विडियो क्लिप अपलोड किया। फिर यहीं से नए बदलाव की शुरुआत हो गई |

 2006 में गूगल कंपनी ने इस वेबसाइट को ख़रीद लिया। फिर लोगों के लिए जानकारियों, भावनाओं और विचारों की शेयरिंग और भी आसान हो गई। शुरुआत में ज़्यादातर लोग केवल फिल्में और विडियो देखने के लिए इस माध्यम का इस्तेमाल करते थे लेकिन धीरे-धीरे वे इसके ज़रिये अपने लिए नई जानकारियां भी तलाशने लगे। इसी तरह कुछ लोग अपने अनुभव और ज्ञान को दूसरों के साथ शेयर करने को तत्पर थे। ऐसे ही क्रिएटिव और उत्साही लोगों के प्रयास से विडियो ब्लॉगिंग की शुरुआत हुई और उसकी लोकप्रियता दिनोंदिन बढ़ने लगी। यहां तक कि अब अनुराग कश्यप, विक्रम भट्ट जैसे नामचीन निर्देशक, मनोज बाजपेयी, नसीरुद्दीन शाह, अनुपम खेर, नीना गुप्ता, कल्कि कोचलिन, टिस्का चोपड़ा और कोंकणा सेन जैसे कलाकार अपनी शॉर्ट फिल्मों के माध्यम से यूट्यूब के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं ।

डिजिटल संसार जिंदगी को प्रभावित तो नहीं कर रहा...

डिजिटल संसार हमारी जिंदगी को किस तरह प्रभावित कर रहा है, कहीं यह लोगों को आलसी और सुविधाभोगी तो नहीं बना रहा, कहीं वे इसका दुरुपयोग तो नहीं करेंगे?

संचार के इस नए माध्यम ने जहां एक ओर लोगों के लिए सीखने की प्रक्रिया को सरल और रोचक बना दिया है, वहीं इसका दूसरा पहलू यह भी है कि कुछ लोग सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए यहां घटिया क़िस्म का कंटेंट भी अपलोड करते हैं, जो सर्वथा अनुचित है। ऐसे में हम सब की यह ज़िम्मेदारी बनती है कि हम संचार के इस सशक्त माध्यम का सही ढंग से इस्तेमाल करें। जब बात ज़िम्मेदारी की हो तो सकारात्मक विचार आते है, और ऐसे में सामाजिक कर्तव्य और ज़िम्मेदारी तो बनती ही है।

साइबर सुरक्षा अहम है इसलिए कुछ जरूरी साइबर सुरक्षा टिप्स

जब भी कोई व्यक्ति इंटरनेट पर उपलब्ध यूट्यूब की सुविधा का उपयोग कर रहा होता है तो उसके मन में साइबर सुरक्षा को लेकर कई तरह के सवाल होते हैं। इसलिए साइबर सुरक्षा की कुछ महत्वपूर्ण जानकारी -

  • आपके द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो कौन-कौन देखे यह तय करने के लिए यूट्यूब पर फीचर्स मौजूद हैं। अपने निजी वीडियोज को 'प्राइवेट' या 'अनलिस्टेड' मार्क करके निजता की सुरक्षा करें।
  • कोई भी ऐसा वीैडियो अपलोड न करें, जिसका अनुकरण करने से बच्चों को चोट लगने का खतरा हो ।
  • हिंसक, अश्लील, पोर्नोग्राफ़िक, दूसरों को धमकाने या समाज में घृणा फैलाने वाले कंटेंट यूट्यूब पर अपलोड न करें। अगर कोई व्यक्ति इसके माध्यम से किसी को स्टॉक करने, धमकाने या दूसरों को हिंसा के लिए उकसाने में दोषी पाया गया तो उसे यूट्यूब से हमेशा के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है।
  • कुछ भी पोस्ट करने से पहले एक बार यह जरूर सोचें कि क्या आप उसे परिवार के किसी बुजुर्ग को दिखाना चाहेंगे? अगर नहीं, तो शायद उस कंटेंट को पोस्ट करने का आइडिया ग़लत है।
  • स्पैम और स्कैम से दूर रहें। अपने विडियो का व्यू बढ़ाने के लिए ग़लत विवरण, टैग्स, टाइटल या थंबनेल न बनाएं।
  • यूट्यूब पर कुछ ऐसा दिखता है, जो आपत्तिजनक है तो उसे फ्लैग इट कर दें। जिस विडियो को यूजर्स फ्लैग करते हैं, हम उसे यूट्यूब से तुरंत हटाने की कोशिश करते हैं। ऐसा करते समय आप हमें उस नियम का विवरण भी दे सकते हैं, जिसका उल्लंघन आपके हिसाब से वह विडियो कर रहा है। फ्लैग किया गया कंटेंट यूट्यूब से अपने आप नहीं हटता है। कोई भी कार्रवाई करने से पहले हमारी टीम उस विडियो की समीक्षा करती है, ताकि अच्छी डॉक्यूमेंट्री फिल्मों और कला की दृष्टि से उपयोगी कंटेंट को बचाया जा सके।
  • यूट्यूब के रिस्ट्रिक्टेड मोड का इस्तेमाल सुरक्षित है। इस फीचर को यूट्यूब के किसी भी पेज के बॉटम से चालू किया जा सकता है और यह मैच्योर कंटेंट छांटने में आपकी मदद करता है। इस फीचर को लॉक भी किया जा सकता है, जिससे कोई अन्य व्यक्ति इसकी सेटिंंग न बदल पाए।




आशीष त्रिवेदी

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