WRITER- सात्विक उपाध्याय
वाराणसी: 27 नवंबर को पूरे देश में देव दीपावली मानाई जाएगी। ऐसे में विश्वविख्यात काशी की देव दीपावली को लेकर वाराणसी में तैयारीयां काफी तेजी से हो रही हैं। हर साल की तरह इस बार भी काशी के ऐतिहासिक घाटों की दीवारों पर साउंड एंड लाइट शो विद प्रोजेक्शन होलोग्राफिक शो के माध्यम से धर्म का व्याख्यान होगा। यह शो वाराणसी के घाटों पर काफी बड़े पैमाने पर देव दिपावली के दौरान किया जाता है। ऐसे में इस बार देव दिपावली 27 नवंबर को पड़ रहा है। जिसको देखते हुए काशी में पर्यटकों के आकर्षण के लिए लेजर लाइट शो की तैयारियां तेज हो गई है।

पर्यटक पौराणिक काशी को शिव से जोड़ने वाली कथा भी सुनेंगे। लगभग 15 से 20 मिनट का शो चेत सिंह घाट पर कई बार दिखाया जाएगा, जिससे देव दीपावली पर आने वाले सभी श्रद्धालु शो देख सकेंगें। 27 नवंबर को विश्व विख्यात देव दीपावली के अवसर पर योगी सरकार काशी के अर्द्धचंद्राकार घाटों के पूर्वी और पश्चिमी दोनों तटों को रोशन करेगी। इस वर्ष घाटों के किनारे 12 लाख दीयों से रोशन होंगे। इनमें एक लाख दीए गाय के गोबर से बने होंगे। रेत पर ग्रीन आतिशबाजी का भी आयोजन किया जायेगा। इसके साथ ही काशी के घाटों के किनारे सदियों से खड़ी ऐतिहासिक इमारतों पर धर्म की कहानी जीवंत होती दिखेगी। पर्यटन विभाग के उप निदेशक राजेंद्र कुमार रावत ने बताया कि काशी के चेत सिंह घाट पर साउंड एंड लाइट शो विद प्रोजेक्शन होलोग्राफिक शो आयोजित होगा। पौराणिक काशी को शिव से जोड़ते हुए शो दिखाया जायेगा।
पर्यटन विभाग ने घाटों पर जाने के लिए तीन प्रवेश द्वार बनाए हैं। सामने घाट स्थित जजेज गेस्ट हाउस के अलावा नमो घाट व राजघाट से वीआईपी को प्रवेश मिलेगा।

देव दीपावली के दिन 27 नवंबर को दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक शहर में आटो व टोटो नहीं चलेंगे। आटो व टोटो का संचालन सिर्फ वरूणा पार इलाके में ही किया जाएगा। मैदागिन व गोदौलिया के बीच किसी भी तरह से वाहन के आवागमन की अनुमति नहीं होगी। यहां तक कि वीवीआईपी के वाहन भी मैदागिन तक ही जाएंगे। इसके आगे विश्वनाथ धाम तक उन्हें गोल्फ कार्ट से भेजा जाएगा। एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक रविवार की रात 11 बजे से सोमवार की रात 12 बजे तक शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।

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