WRITER- सात्विक उपाध्याय
नई दिल्ली: दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण और वायु की गुणवत्ता को खराब होते देखते हुए केजरीवाल सराकर ने ओड-ईवन लागू करने का ऐलान किया था। अब सुप्रीम कोर्ट की शुक्रवार को सुनवाई के बाद दिल्ली सरकार इस पर फैसला लेगी। शुक्रवार यानी कि 10 नवंबर को होने वाली सुनवाई में दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट के ऑड-ईवन पर पूछे गए सवालों का जवाब देना होगा। दिल्ली सरकार ने कहा है कि उन्होंने स्मॉग टावर को कल तक फ़ुल कैपेसिटी में चलाए जाने और रियल टाइम स्टडी के लिए जल्द फंड जारी होने का आदेश जारी कर दिया है। साथ ही ओपन बर्निंग को रोकने के लिए 611 टीमें बनाई गई हैं।
केजरीवाल सरकार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आधार पर ऐप आधारित दिल्ली से बाहर की रजिस्ट्रेशन वाली गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया गया है। केजरीवाल सरकार ने कहा कि ऑड-ईवन को लेकर दो स्टडी रिपोर्ट्स हैं, उसे सरकार अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेगी। कोर्ट ने ओरेंज स्टिकर वाली डीज़ल गाड़ियों BS थ्री और बीएस फ़ोर गाड़ियों को लेकर कहा था, उसकी डीटेल भी मांगी गई है।
दिल्ली सरकार ने कहा कि वह ऑड- ईवन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को पूरी जानकारी देंगे और उसके बाद फ़ैसला होगा कि 13 तारीख़ से ऑड-ईवन लागू किया जाएगा या नहीं। एक स्टडी है कि दिल्ली के प्रदूषण में 31 फ़ीसदी ही दिल्ली की भागीदारी है, और उसमें 30-35 फ़ीसदी वाहनों के प्रदूषण की भागीदारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछे थे सवाल
केजरीवाल सरकार के ऑड-ईवन लागू करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाए थे। जस्टिस संजय किशन कौल ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि आप पहले भी ऑड- ईवन सिस्टम ला चुके हैं, क्या तब यह सफल हुआ था। कोर्ट ने कहा था कि उनको यह ऑप्टिक लगता है। अदालत ने कहा उनको लगता है कि 2022 के गाड़ियों पर कलर कोड के आदेश को राज्यों में लागू नहीं किया गया. कोर्ट ने राज्य सरकार से इस पर जवाब मांगा है। इस मामले पर अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी।
13 से 20 नवंबर तक ऑड-ईवन लागू करने का हुआ था ऐलान
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को ऐलान किया था कि वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने की कवायद के तौर पर शहर में 13 से 20 नवंबर तक ऑड-ईवन योजना लागू की जाएगी। गोपाल राय ने कहा था कि दिल्ली में दीवाली के बाद 13 से 20 नवंबर तक ऑड-ईवन योजना लागू की जाएगी। इस योजना की अवधि बढ़ाने पर फैसला 20 नवंबर के बाद लिया जाएगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि क्या पिछली बार ऑड-ईवन लागू करने से कोई फायदा हुआ था।
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