नई दिल्ली: राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी विवाद तेजी से बड़ा होता हुआ दिखा रहा है। ऐसे में बीते दिन ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के मुख्य सचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं इस प्रकरण में गिरफ्तार 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। इस बीच शुक्रवार, 26 जून को आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की और इसके बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई। राम मंदिर चंदा चोरी को लेकर अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी और प्रकरण में शामिल अन्य लोगों पर हमला किया।
वहीं यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए दिल्ली सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली को विकास की बजाय भ्रष्टाचार और बर्बादी का सामना करना पड़ा। अगर केजरीवाल ने बयानबाजी की जगह काम किया होता तो उन्हें सत्ता ना गवानी पड़ती। आगे सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या को डबल इंजन सरकार ने जिस तरह संवारा है, अगर वैसा मॉडल दिल्ली में अपनाया गया होता तो राजधानी भी आज बेहतर स्थिति में होती।
इसके जवाब में अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि “चंदा चोरों का साथ क्यों दिया जा रहा है” और राम मंदिर में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े “भ्रष्टाचारियों” पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
महाराज जी। आप चंदा चोरों का क्यो साथ दे रहे हो? ये चंदा चोर आपको भी हटाने का षड्यंत्र कर रहे हैं। आपकी कुर्सी भी नहीं छोड़ेंगे।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 26, 2026
भगवान राम के घर हुई महा डकैती के राक्षसों को सरे आम फाँसी दिलवाने के मेरे संघर्ष में आप मेरा साथ दीजिए। इस महापाप में भागीदार मत बनिए। https://t.co/7ZXkhaETER
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है, जहां एक तरफ भाजपा और यूपी सरकार विकास मॉडल की बात कर रही है, वहीं AAP इसे भ्रष्टाचार और जांच का मुद्दा बता रही है।
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