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'हनुमान ध्‍वज' हटाने पर कर्नाटक में छ‍िड़ा व‍िवाद, स्थिति तनावपूर्ण

Controversy erupts in Karnataka over removal of 'Hanuman flag', situation tense

नई दिल्ली:  कर्नाटक में मांड्या जिले के केरागोडु गांव में रविवार को उस समय तनाव पैदा हो गया, जब अधिकारियों ने 108 फुट ऊंचे स्तंभ से हनुमान ध्वज उतार दिया। इस घटना के बाद राज्य सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।  बीजेपी नेताओं और हिंदू कार्यकर्ताओं ने झंडा हटाए जाने की कड़ी निंदा की।  बीजेपी कर्नाटक के सभी जिलों में आज विरोध प्रदर्शन करने जा रही है, जिसके तहत बेंगलुरु के मैसूरु बैंक सर्कल में एक विशेष विरोध प्रदर्शन भी होगा। वहीं तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए गांव में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर दी गई है। 

रविवार को ध्वज उतारे जाने के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल सेक्युलर (जद-एस) और बजरंग दल के सदस्यों के साथ-साथ गांव और उसके आसपास के लोगों के एकत्र होने पर, एहतियातन बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने ध्वज स्तंभ पर हनुमान ध्वज (भगवान हनुमान की तस्वीर वाले झंडे) की जगह राष्ट्रीय ध्वज लगा दिया।

आधिकारिक और पुलिस सूत्रों ने बताया कि केरागोडु और 12 पड़ोसी गांवों के निवासियों और कुछ संगठनों ने रंगमंदिर के पास ध्वज स्तंभ की स्थापना के लिए धन दिया था। कथित तौर पर, बीजेपी और जद (एस) कार्यकर्ता इसमें सक्रिय रूप से शामिल थे। 

सूत्रों ने बताया कि ध्वज स्तंभ पर हनुमान की तस्वीर वाला भगवा झंडा फहराया गया, जिसका कुछ लोगों ने विरोध किया था और प्रशासन से शिकायत की थी। इसपर कार्रवाई करते हुए तालुक पंचायत कार्यकारी अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारियों को ध्वज हटाने का निर्देश दिया था। ध्वज स्तंभ हटाए जाने की आशंका से कुछ कार्यकर्ता और ग्रामीण शनिवार आधी रात के बाद से ही वहां मौजूद थे। 

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वज को उतारने के बाद रविवार सुबह तनाव बढ़ गया और पुलिस और प्रदर्शनकारी ग्रामीणों व कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। 

इस विवाद ने तब राजनीतिक रंग ले लिया जब विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय कांग्रेस विधायक रवि कुमार के बैनर तोड़ दिए गए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार और मांड्या से कांग्रेस विधायक गनीगा रविकुमार के प्रति अपने आक्रोश जताया और उनके खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे और ध्वज स्तंभ के आधार पर एक छोटे भगवा झंडे के साथ भगवान राम के चित्र वाला एक फ्लेक्स बोर्ड लगा दिया। 

पुलिस ने उस झंडे को हटाने की कोशिश की तो उसे प्रतिरोध का सामाना करना पड़ा और प्रदर्शनकारियों ने ‘जय श्री राम, जय हनुमान' के नारे लगाए।

दोपहर बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बल पूर्वक हटा दिया और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। इसके बाद, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने आखिरकार ध्वज स्तंभ से हनुमान ध्वज हटाते हुए तिरंगा लगा दिया।

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