logo

महिलाओं का उत्पीड़न करना कांग्रेस का कल्चर है।।

Congress culture

Written by - Anshuman Anand

लड़की हूं लड़ सकती हूं प्रियंका वाड्रा ने यह चुनावी नारा दिया था लेकिन लड़कियों के लिए लड़ने का नारा कांग्रेस पार्टी सिर्फ चुनावी समय में ही लगाती है चुनाव के बाद कांग्रेस में महिलाओं को नीचा दिखाने का सिलसिला फिर से शुरु हो जाता है
केरल कांग्रेस की ताजा घटना इसका ज्वलंत उदाहरण है.केरल कांग्रेस की नेता सिमी रोज़बेल जॉन को पार्टी से निकाल दिया गया है उनका गुनाह क्या है जानते हैं? दरअसल सिमी ने आरोप लगाया था कि ग्रेस में भी कास्टिंग काउच कल्चर है। यहां टैलेंट काम नहीं आता है और पार्टी के अंदर आगे बढ़ने के लिए पुरुषों को इम्प्रेस करने के लिए समझौते करने पड़ते हैं सिमी रोजबेल ने केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन पर यौन उत्पीड़न के आरोप भी लगाए थे. सिमी ने दावा किया था.कि उनके पास कई ऐसे सबूत हैं.जो सही समय पर सामने आएंगे.उनके इन आरोपों के बाद केरल काग्रेस में खलबली मच गई थी. और सिमी के आरोपों पर कार्रवाई करने की बजाए केरल कांग्रेस के नेता उनको ही निशाना बनाने में लग गए कांग्रेस पार्टी से उनकी प्राथमिक सदस्यता खत्म कर दी गई है.और जांच बिठा दी गई है.
ये है कांग्रेसी कल्चर. जरा सोचिए कि जिस पार्टी की सुप्रीमों सोनिया गांधी हैं उनकी बेटी प्रियंका वाड्रा वरिष्ठ पद पर हैं. उस कांग्रेस पार्टी में महिलाओं की आवाज को दबाया जाता है उनके यौन उत्पीड़न पर चुप्पी साध ली जाती है.सिमी रोजबेल कोई पहला उदाहरण नहीं है.इसके पहले भी कांग्रेस पार्टी में महिलाओं का उत्पीड़न किया जाता रहा है और शिकायत करने पर उनको बाहर का रास्ता दिखाया जाता रहा है. शायद आपको प्रियंका चतुर्वेदी की याद हो जो कि फिलहाल शिवसेना की प्रवक्ता हैं.और मुंबई की एक प्रतिभाशाली युवा नेता हैं.वह भी पहले कांग्रेस में हुआ करती थीं.लेकिन साल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान वह कांग्रेस की तरफ से प्रचार करने के लिए मथुरा गई थीं.उस दौरान कई कांग्रेसी नेता भी वहां पर मौजूद थे. जहां सबके सामने उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया.इस घटना से प्रियंका चतुर्वेदी इतना डर गई थीं कि उन्होंने प्रेस कांफ्रेन्स बीच में छोड़ दी और अपने होटल पहुंच गईं.लेकिन कांग्रेस के स्थानीय नेता उनका पीछा करते हुए होटल तक पहुंच गए.प्रियंका ने इन आठ कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. जिसके बाद इन सभी को पार्टी से निलंबित भी किया गया लेकिन चंद ही दिनों बाद उन सभी को वापस ले लिया गया जिसके बाद निराश होकर प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस छोड़ दी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना में शामिल हो गई और आज तक वहीं काम कर रही हैं.

 कांग्रेस के इस महिला विरोधी कल्चर की तीसरी नामचीन शिकार हैं मशहूर अभिनेत्री नगमा जो कि कांग्रेस के टिकट पर मुंबई से लोकसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं उनके साथ तो यूपी, एमपी, छत्तीसगढ़ में कई बार बदसलूकी की जा चुकी है.छत्तीसगढ़ के राजातालाब में तो कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने नगमा का हाथ पकड़ लिया था हापुड़ में तो एक चुनाव प्रचार के दौरान स्थानीय कांग्रेसी विधायक गजराज सिंह ने तो सार्वजनिक रुप से नगमा के साथ अश्लील हरकत की थी.जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था.इन सभी घटनाओं के बाद शायद नगमा को समझ में आ गया कि महिलाओं से बदसलूकी कांग्रेस के कल्चर में शामिल है. यही वजह है कि नगमा ने कभी सार्वजनिक रुप से अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज तो नहीं उठाई लेकिन धीरे धीरे स्वयं को राजनीति से दूर कर लिया.
    
कांग्रेस के इस महिला विरोधी कल्चर का तीसरा बड़ा उदाहरण हैं. बिग बॉस फेम अर्चना गौतम. जिन्होंने पिछले साल प्रियंका गांधी वाड्रा के पीए संदीप सिंह पर बदसलूकी का आरोप लगाया था.लेकिन जानते हैं इसका नतीजा क्या हुआ इस आरोप के बाद अर्चना गौतम को दिल्ली में कांग्रेस के 24 अकबर रोड स्थित मुख्यालय में खदेड़ खदेड़कर पीटा गया.यहां तक कि अर्चना के बुजुर्ग पिता को भी सड़क पर गिराकर मारा गया.दलित समुदाय से आने वाली अर्चना को जातिसूचक गालियां दी गईं.अपमानित किया गया. जान से मारने की धमकियां दी गईं और यह सब हुआ . लड़कियों के लिए लड़ने का दावा करने वाली कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में अर्चना गौतम अपने साथ हुई बदसलूकी के खिलाफ अभी भी  कानूनी जंग लड़ रही हैं.
  
कुछ ऐसी ही कहानी है.यूथ कांग्रेस असर की अध्यक्ष रह चुकी अंगकिता दत्ता की जिन्होंने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी और सचिव प्रभारी वर्धन यादव पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे लेकिन आरोपियों के खिलाफ जांच तक नहीं की गई और अंगकिता दत्ता को पार्टी से निकाल दिया गया वह पिछली कई पीढ़ियों से कांग्रेसी थीं वह पूर्व कांग्रेसी मंत्री अंजन दत्ता की बेटी हैं इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी में उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई अंकिता ने राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा को टैग करते हुए बार बार ट्विट किया भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी से मिलकर उन्हें अपनी परेशानियों को बारे में निजी तौर पर बताया लेकिन अंगकिता को न्याय नहीं मिला. ये है कांग्रेस का चेहरा जिसे महिलाओं की इज्जत से ज्यादा अपने पार्टी पदाधिकारियों पर विश्वास है.भले ही उन पदाधिकारियों का चरित्र संदिग्ध हो.यह है कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की सोच.जो कि स्वयं महिला होने के बावजूद महिलाओं पर होने वाले जुल्म पर चुप्पी साध लेता है और पीड़िताओं को ही पार्टी से निकाल देता है जरा सोचिए प्रियंका चतुर्वेदी, अंगकिता दत्ता,सिमी रोज़बेल जॉन, अर्चना गौतम, नगमा जैसी सशक्त महिलाएं जब कांग्रेस में अपने लिए न्याय हासिल नहीं कर पाती हैं.तो आम कार्यकर्ता महिलाओं के साथ पार्टी में कितना जुल्म होता होगा.उन्हें कितना उत्पीड़न झेलना पड़ता होगा अर्चना, प्रियंका, सिमी रोजबेल, नगमा जैसी महिलाएं पहले से अपने कार्यों और व्यक्तित्व की वजह से मीडिया में चर्चा पाती थीं.इसलिए उनके साथ हुआ दुर्व्यवहार सबके सामने आया तब भी उन्हें न्याय नहीं मिल पाया तो फिर आम कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को कौन पूछे.
 
कांग्रेसियों की महिलाओं के प्रति घटिया सोच का एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ 5 अगस्त 2024 की रात का यह वीडियो राजस्थान विधानसभा के भीतर का है.जिसमें कुछ कांग्रेस विधायक बैठे हुए दिख रहे हैं और एक विधायक कह रहा है कि जिसको भी आगे बढ़ना है वो पैर दबाएगी
छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक महिला कार्यकर्ता पहले भी कांग्रेस नेता जयंत साहू पर यौन उत्पीड़न का  बड़ा आरोप लगा चुकी हैं .ये है कांग्रेस नेताओं का असली चेहरा. जिससे दुनिया वाकिफ हो चुकी है.लेकिन सवाल सत्ता पक्ष पर भी उठता है.कि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के इतने आरोपों के बावजूद उनपर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है.क्या महिला सुरक्षा का नारा सिर्फ पॉलिटिकल स्लोगन है.क्या हम किसी बड़ी घटना की प्रतीक्षा कर रहे हैं.क्योंकि महिला उत्पीड़न की ऐसी घटनाओं को सहते सहते ही किसी दिन सामूहिक बलात्कार जैसी बड़ी घटनाएं हो जाती हैं.जिसपर पूरा देश उबल पड़ता है.कांग्रेस पार्टी का डीएनए ही महिला विरोधी है.जिसका असली चेहरा सबके सामने जरुर आना चाहिए.और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करके उन्हें अपने अंजाम तक पहुंचाया जाना चाहिए.  

Leave Your Comment

 

 

Top