लखनऊ: बीते कुछ दिनों से आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी के प्रसाद में मिलावट का मामला देशभर में चर्चा में बना हुआ है। इस बीच सोमवार को लखनऊ के एक मंदिर में बाहरी प्रसाद पर रोक लगा दिया गया। औऱ मंदिर की तरफ से आदेश दिया गया है की भक्त अपने घर से प्रसाद बना कर लाएं। इस बीच यूपी की योगी सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मंगलवार, 24 सितंबर को सीएम योगी ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जिसके बाद उनका कहना है कि जूस, दाल और रोटी जैसी खान-पान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट मिलाना वीभत्स है और यह सब स्वीकार नहीं है। उन्होंने निर्देश दिया है कि ऐसे ढाबों/रेस्टोरेंट आदि खान-पान के प्रतिष्ठानों की सघन जांच होगी। हर कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन होगा। खान-पान की चीजों की शुद्धता-पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम में आवश्यक संशोधन के निर्देश दिए गए हैं।
किन चीजों को किया गया अनिवार्य
सीएम योगी के निर्देशों के मुताबिक, खान-पान के केंद्रों पर संचालक, प्रोपराइटर, मैनेजर आदि का नाम और पता डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा। शेफ हो या वेटर, उन्हें मास्क और ग्लव्स लगाना होगा। होटल/ रेस्टोरेंट में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा। अगर कोई अपशिष्ट या अन्य गंदी चीजों की मिलावट करता है तो संचालक/प्रोपराइटर पर भी कठोर कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खान-पान की वस्तुओं में मानव अपशिष्ट/गंदी चीजों की मिलावट करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। देश के विभिन्न क्षेत्रों में घटीं ऐसी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी होटलों/ढाबों/रेस्टोरेंट आदि संबंधित प्रतिष्ठानों की गहन जांच, सत्यापन आदि के भी निर्देश दिए हैं साथ ही आम जन की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन के भी निर्देश दिए।
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