उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 अप्रैल यानी की बीते शनिवार को पुलिस कस्टडी में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई थी। उससे ठीक पहले अतीक के बेटे असद की पुलिस इंकाउंटर में मौत हुई थी। बता दें कि अतीक अहमद मर्डर मामले में योगी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया गया है। इस मामले में अतीक औऱ अशरफ के मौत के बाद से ही पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े हो रह थे। साथ ही पुलिस की भूमिका पर रोज नए नए सवाल और तीखे प्रहार किए जा रहे थे। साथ ही इस घटना ने प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के राजधानी में भी हलचल मचा दी थी। इस बीच योगी सरकार की तरफ से मंगलवार की देर रात एक्सन लेने के बाद धूमगंज थाने के एसीपी नरसिंह नारायण सिंह को हटा दिया गया है। उन्हें अब डीजीपी मुख्यालय से अटैच किया गया है। इससे पहले ही घटना के दिन सुरक्षा में लगे कुल 17 पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था।

नरसिंह एसपी धूमगंज की जगह पर अब 43वीं वाहिनी पीएसी कानपुर से डिप्टी एसपी महेंद्र सिंह को प्रयागराज भेजा गया है। वारदात के बाद से ही योगी सरकार एक्शन में आ गई थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यी जांच कमेटी का गठन किया था। राज्य के 75 जिलों में सुरक्षा को देखते हुए धारा 144 लगा दी गई थी। साथ ही प्रदेश के सभी बड़े नेताओं औऱ कर्मचारीयों की सुरक्षा व्यवस्था को औऱ भी पुख्ता कर दिया गया था। साथ ही कई संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। अतीक अशरफ की हत्या और दिनदहाडे उमेश पाल शूटआउट के बाद नरसिंह नारायण के खिलाफ ये एक्शन लिया गया है।

मंगलवार को प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरन यह भी कहा कि अब यूपी में माफिया किसी को धमका नहीं सकते। अगर ऐसा होता है तो उसपर कड़ी कार्यवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा की यूपी में अब कानून का राज है। साथ ही यह भी कहा कि यूपी में अब दंगे भी नहीं होते।
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