logo

असंग आश्रम सोनपैरी में सुखद सत्संग समागम कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

Chief Minister Shri Vishnudev Sai participated in a pleasant satsang program at Asanga Ashram Sonpari

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने असंग आश्रम सोनपैरी में सुखद सत्संग समागम कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद हमारे प्रदेशवासियों को मिलता रहे। उन्होंने असंग साहेब का आशीर्वाद लिया तथा सत्संग भी सुना। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय ने कहा कि माता-पिता से बढ़कर कोई नहीं है ,यदि उन्हें खुश रखे तो इसमें सभी की खुशी है। हम सब भगवान के बनाए हुए हैं और भगवान को केवल भाव चाहिए।

उन्होंने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों का मान सम्मान बढ़ाने का काम बखूबी कर रहे हैं। हम पूरी निष्ठा से राज्य की जनता की सेवा करेंगे तथा उनके विश्वास पर खरा उतरेंगे । उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध राज्य हैं ।यहां कोयला, लोहा ,खनिज, वन ,सोना ,हीरा, तीन सभी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यहां की धरती उर्वरा शक्ति से भरपूर है ।छत्तीसगढ़ बहुत आगे बढ़ने वाला प्रदेश है। बस यहां खेवन हार के नीति साफ होना चाहिए ।इस अवसर पर उन्होंने असंग आश्रम में धर्मशाला निर्माण के लिए 25 लाख रुपए तथा साहू समाज के सामाजिक भवन के लिए 10 लख रुपए की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव   साय ने  कहा  की 13 दिसंबर को  हमारी सरकार शपथ लेते ही 14 दिसंबर को प्रथम कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें निर्णय लिया गया कि प्रदेश के 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास का निर्माण किया जाएगा। 2 साल के धान का बकाया बोनस की राशि 25 दिसंबर को देश के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी जी के जन्मदिवस के अवसर पर 12 लाख से अधिक किसानों को 3700 करोड रुपए से अधिक की राशि प्रदान की गई।

उन्होंने कहा राज्य की विवाहित माताओ के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत  प्रथम किस्त की राशि दी कल दी जाएगी । मोदी की गारंटी की जो भी वादा है उसे पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा रामलला दर्शन योजना की शुरुआत की गई है जिसमें छत्तीसगढ़ के लोगों को रामलाल के दर्शन हेतु अयोध्या ले जाया जाएगा ।

असंग साहब ने क्या कहा- 

असंग साहब ने कहा कि साधु स्वभाव के मुख्यमंत्री राज्य को मिला है। मैं उनसे बहुत प्रभावित हूं। उन्होंने कहा कि शांति संपत्ति से नहीं मिलती, शांति का रास्ता केवल सत्संग है। हमें नशा और आडंबर से दूर रहना चाहिए।

Leave Your Comment

 

 

Top