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छत्तीसगढ़ नक्सली हमला: IED ब्लास्ट में 10 जवान शहीद

Chhattisgarh Naxal attack: 10 jawans killed in IED blast

देश की नींव खोखली करने की कोशिश में जुटे नक्सलियों ने एक बार फिर कायराना हरकत की है। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 26 अप्रैल, बुधवार को नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया। नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी में विस्फोट होने से 10 जवान शहीद हो गए। एक चालक की मौत की भी खबर है। जानकारी के अनुसार अरनपुर थाना क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर दंतेवाड़ा से नक्सल विरोधी अभियान के लिए डीआरजी बल भेजा गया था। अभियान के बाद लौटते समय नक्सलियों ने अरनपुर रोड पर आईईडी विस्फोट कर दिया।  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त बल मौके पर भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय में सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही थी. नक्सलियों की ओर से भी लगातार घात लगाकर हमले किए जा रहे हैं। पिछले महीने बीजापुर में माओवादियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से सीएएफ का एक जवान शहीद हो गया था। 

डीआरजी बलों में समर्पण किए हुए नक्सलियों और जनजातीय समुदाय के युवाओं को भर्ती किया जाता है। क्योंकि वह नक्सलियों की गतिविधियों और उनके काम करने के तरीके से वाकिफ होते हैं। नक्सलियों के खिलाफ डीआरजी की मुहिम बेहद कामयाब रही थी। जिससे बौखलाकर नक्सलियों ने यह हमला किया है। नक्सलियों का यह दुस्साहस उन्हें बेहद महंगा पड़ने वाला है। क्योंकि उनके समूल नाश के लिए केन्द्र और राज्य सरकार ने कमर कस ली है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से फोन पर बात की और उन्हें हर प्रकार से मदद करने का आश्वासन दिया। केन्द्र सरकार राज्य सरकार को अतिरिक्त जवान मुहैया करा रही है।

छत्तीसगढ़ के जंगलों को नक्सलियों ने अपना अभ्यारण्य बना रखा है। इसके पहले भी वहां सुरक्षा बलों पर हमले होते रहे हैं---

  • 6 अप्रैल 2010 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमला हुआ था.. इसमें 76 जवान शहीद हो गए थे।
  • 25 मई 2013 को झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हमला किया गया। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सहित 30 से ज्यादा लोग मारे गए।
  • 11 मार्च 2014 को सुकमा जिले के टाहकवा़डा में नक्सली हमला हुआ। इसमें 15 जवान शहीद हो गए। 
  • 12 अप्रैल 2014 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के दरभा घाटी इलाके में नक्सली हमला हुआ था। इसमें पांच जवानों समेत 14 लोगों की मौत हो गई थी।
  • 11 मार्च 2017 को सुकमा के दुर्गम भेज्जी इलाके में नक्सली हमले में 12 सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे।
  • 24 अप्रैल, 2017 को सुकमा में नक्सलियों ने हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 25 जवान शहीद हो गए थे।
  • 21 मार्च 2020 को सुकमा जिले के मिनपा में जवानों नक्सली हमला हुआ था इसमें 17 जवान शहीद हो गए थे।
  • 23 मार्च 2021 को छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले जवानों से भरी बस पर हमला किया गया था इसमें 5 जवान शहीद हो गए थे।
  • 4 अप्रैल 2021 को छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा जिले के बॉर्डर पर हुई नक्सली हमला हुआ था इसमें 22 जवान शहीद हो गए थे।

उदय इंडिया द्वारा इस खबर की विस्तृत जानकारी नीचे लिंक में दी गई है--

इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने शोक जाताया और घटना पर शहीद जवानों के परिवार के साथ अपनी सहानभूति जताई। सीएम ने कहा, "यह बेहद दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। यह लड़ाई अब अपने अंतिम चरण में है। नक्सलियों को बख्शा नहीं जाएगा। " इससे पहले 9 मार्च को छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में विस्फोटक और एक बैरल ग्रेनेड लांचर बरामद किया गया है. सुरक्षाबलों ने दावा किया कि मुठभेड़ में 5 से 6 नक्सली घायल हुए हैं। यह मुठभेड़ 9 मार्च को सुबह 7 बजे सुकमा के सकलेर इलाके में हुई थी. कोबरा बटालियन और एसटीएफ की संयुक्त टीम से नक्सलियों की मुठभेड़ हो गई। 

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